
India-US Trade Deal: अमेरिका से डील पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान, पहले चाहिए प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर टैरिफ
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही Bilateral Trade Agreement यानी BTA को लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को साफ कहा कि अमेरिका जब भारत को उसके प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर और तरजीही दर देगा, तभी भारत इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देगा और इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
पीयूष गोयल ने यह बात Leveraging FTAs Outreach कार्यक्रम के तहत आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जैसे ही अमेरिका भारत को उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर दर देने में सक्षम होगा, भारत BTA को अंतिम रूप देकर इसकी अंतिम जानकारी घोषित कर देगा।
अमेरिका के साथ बातचीत अभी जारी
भारत और अमेरिका ने फरवरी में इस समझौते के पहले चरण के लिए ढांचे को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में टैरिफ व्यवस्था में बदलाव के बाद दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत आगे भी जारी रही।
24 जुलाई से अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त 10 फीसदी टैरिफ लगाया है। ऐसे में व्यापार समझौते के तहत भारत के लिए प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ दर हासिल करना अहम मुद्दा बना हुआ है।
भारत के 9 FTA से बढ़ेगा कारोबार का दायरा
पीयूष गोयल ने भारत के अन्य Free Trade Agreements यानी FTAs का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के 9 व्यापार समझौते ऐसे देशों और अर्थव्यवस्थाओं के साथ हैं, जिनकी कुल GDP करीब 60 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। इन समझौतों के जरिए भारत को वैश्विक व्यापार के करीब दो-तिहाई हिस्से तक तरजीही पहुंच मिलने की उम्मीद है।
गोयल ने कहा कि न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौता जल्द लागू होगा। इसके बाद 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ FTA भी लागू होगा। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका भी जब भारत को उसके प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले तरजीही दर देगा, तब BTA को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सितंबर के आखिर में अमेरिका जाएंगे पीयूष गोयल
पीयूष गोयल सितंबर के आखिर में अमेरिका का दौरा करेंगे। वह मिलवॉकी में होने वाली G-20 Trade Ministerial बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।
G-20 की यह दो दिवसीय बैठक 30 सितंबर से शुरू होगी। साल 2026 में अमेरिका G-20 की अध्यक्षता कर रहा है। माना जा रहा है कि गोयल की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा होंगे।
अमेरिका के बाजार में भारत के सामने कई बड़े प्रतिस्पर्धी
अमेरिकी बाजार में भारत को श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। ऐसे में अगर भारत को इन देशों की तुलना में टैरिफ का फायदा मिलता है, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत के मामले में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ सकती है। यही वजह है कि भारत अमेरिका के साथ BTA को अंतिम रूप देने से पहले अपने लिए बेहतर टैरिफ दर चाहता है।
