
Madhya Pradesh News: बैगा बच्चों की मौत पर फूटा आदिवासियों का गुस्सा, सड़क पर उतरा समाज, बालाघाट बंद
लोकेशन- बालाघाट (मध्य प्रदेश )
रिपोर्टर- दिलीप जामरे
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की कथित कमी और गंभीर बीमारियों के चलते बच्चों की मौत को लेकर आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसी के विरोध में आदिवासी समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला मुख्यालय में बालाघाट बंद का आह्वान किया। बंद के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे और जिला प्रशासन एवं सरकार से पूरे मामले में जवाब देने की मांग की।
बताया जा रहा है कि बिरसा विकासखंड के वनांचल क्षेत्रों में 29 बैगा बच्चों की मौत को लेकर आदिवासी समाज की ओर से एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बच्चों की मौत के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और संबंधित विभागों की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों ने बैहर विधायक संजय सिंह उइके को घेरते हुए क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर जवाब मांगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग, पीएचई विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए।
आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि वनांचल क्षेत्रों में समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, उपचार और आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर परिस्थितियां पैदा हुईं। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बच्चों की मौत जैसे गंभीर मामले में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और प्रभावित आदिवासी परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
बालाघाट बंद और धरना-प्रदर्शन के जरिए आदिवासी समाज ने सरकार और जिला प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। अब लोगों की मांग है कि बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की जांच हो, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जाए और यदि किसी विभाग या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रशासन सरकार मृतक बच्चों का आंकड़ा छुपाने का आरोप लगाया तथा उचित मुआवजा की मांग रखी गई राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा गया 29 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का प्रभावित ग्रामों का दौरा कर मृतक परिवार से मिले किंतु अभी तक किसी प्रकार से जिम्मेदारी तय नहीं हुई है या ठोस कदम नहीं उठाए गए।
