Satya Niketan building collapse: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 6 की मौत और 11 घायल, फरार मकान मालिक की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी

Satya Niketan building collapse: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 6 की मौत और 11 घायल, फरार मकान मालिक की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी

Satya Niketan building collapse: दक्षिण दिल्ली के बहुचर्चित सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला भवन ढहने की खौफनाक वारदात के बाद दिल्ली पुलिस का शिकंजा बेहद सख्त हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 बेकसूर लोगों की जान जाने और 11 अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद खाकी पूरी तरह हरकत में आ गई है। हादसे का मुख्य जिम्मेदार और फरार चल रहा मकान मालिक हरिराम बंसल पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए छिपता फिर रहा है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस महकमे ने कई विशेष टीमों का गठन किया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

गुरुग्राम और NCR में पुलिस की रेड

हादसा घटित होते ही जब जांच टीम आरोपी हरिराम बंसल के आवास पर पहुंची, तो वह पहले ही अपना घर छोड़कर रफूचक्कर हो चुका था। कानूनी शिकंजे से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। दिल्ली पुलिस की विशेष टीमों ने पड़ोसी शहर गुरुग्राम सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में उसके गुप्त ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के रिश्तेदारों, करीबियों और व्यावसायिक साझेदारों के परिसरों पर भी कड़ा पहरा लगा दिया है। साउथ कैंपस थाना पुलिस का दावा है कि आरोपी को बहुत जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

खतरनाक रेनोवेशन बनी तबाही की वजह

स्थानीय निवासियों और जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बहुमंजिला इमारत के निचले यानी ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम चल रहा था। आरोप है कि बिना किसी सिविल इंजीनियर की सलाह और सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए मुख्य पिलर व लोड-बेयरिंग दीवारों के साथ अवैध रूप से छेड़छाड़ की जा रही थी। इस लापरवाही के कारण पूरी इमारत का मुख्य ढांचा बेहद कमजोर हो गया और अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में आरोपी मालिक हरिराम व अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

अब तक 6 की मौत और 11 घायल

इस भयावह दुर्घटना में अब तक कुल 6 लोगों के मारे जाने की दुखद पुष्टि हुई है, जबकि 11 घायल जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। सभी घायलों का दिल्ली के एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में गहन इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, दुर्घटनास्थल पर मलबे को हटाने के लिए एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की भारी मशीनें व जेसीबी जुटी हुई हैं। इलाके के ड्रोन विजुअल्स भी सामने आए हैं, जिनके जरिए मलबे के विशाल ढेर में फंसे अन्य संभावित लोगों को तलाशने का काम तेजी से किया जा रहा है।

 

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