Ayodhya Ram Mandir PM Modi speech: ‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना!’ राम मंदिर में धर्म ध्वज फहराने के बाद PM मोदी ने दिए कई बड़े संदेश
Ayodhya Ram Mandir PM Modi speech: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक संबोधन दिया। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद थे। पीएम मोदी ने भगवान राम के मूल्यों और ‘रामराज्य’ की अवधारणा को ‘वेलफेयर’ (कल्याणकारी राज्य) से जोड़ते हुए देश को विकसित भारत का रोडमैप दिया। (Ayodhya Ram Mandir PM Modi speech) पीएम मोदी ने रामचरित मानस की पवित्र पंक्ति दोहराते हुए कहा—”नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना।” यानी, विकसित भारत की संकल्पना में कोई भी दुखी और दरिद्र नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अयोध्या से देश को यह संदेश दिया कि अब लक्ष्य केवल मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि राम के आदर्शों पर चलकर आने वाले 1000 वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करना है।
Ayodhya Ram Mandir PM Modi speech: भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं हमारे राम
प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान राम के व्यक्तित्व की गहराई को समझाया। उन्होंने कहा, “हमारे राम भेद से नहीं भाव से जुड़ते हैं। उन्हें वंश नहीं मूल्य प्रिय हैं। उन्हें शक्ति नहीं संयोग मान लगता है।” पीएम मोदी ने बताया कि राम यानी आदर्श, मर्यादा और धर्म पथ पर चलने वाला व्यक्तित्व। (Ayodhya Ram Mandir PM Modi speech) राम यानी जनता के हित को सुरक्षित रखना। राम यानी ज्ञान और विवेक की पराकाष्ठा, और राम यानी कोमलता में भी दृढ़ता। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने महिला, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, आदिवासी, वंचित, युवा और किसान समेत सभी वर्गों को विकास के केंद्र में रखा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जब देश का हर व्यक्ति और हर क्षेत्र सशक्त होगा, तो देश स्वयं ही राम राज्य की ओर बढ़ेगा। पीएम मोदी ने दूरदर्शिता के महत्व पर बल देते हुए कहा, “जो सिर्फ वर्तमान का सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं।” उन्होंने याद दिलाया कि हम एक जीवंत समाज हैं, और हमें हमेशा दूरदर्शिता के साथ काम करना होगा, क्योंकि यह देश तब भी था जब हम नहीं थे, और तब भी रहेगा जब हम नहीं रहेंगे।
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक मौके पर देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त होने का बड़ा संकल्प दिलाया। उन्होंने लॉर्ड मैकाले का जिक्र करते हुए कहा कि गुलामी की मानसिकता की नींव उसी ने रखी थी। 2035 में उस घटना के 200 साल पूरे हो रहे हैं, और हमें यह लक्ष्य लेकर चलना है कि भारत को इस हीन भावना से मुक्त करके रहेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि मैकाले का प्रभाव इतना व्यापक हुआ कि आजादी मिलने के बावजूद भी हम हीन भावना से मुक्त नहीं हो पाए। उन्होंने कहा, “एक विकार आ गया कि विदेशों की हर चीज अच्छी है और हमारे यहां की हर चीज में खोट ही खोट है।”
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पीएम मोदी ने कहा कि यह भी तो गुलामी की ही मानसिकता है कि एक वर्ग ने राम को नकारा है! उन्होंने स्पष्ट किया कि राम ध्वजा लहराने के साथ ही सदियों की वेदना विराम पा रही है। (Ayodhya Ram Mandir PM Modi speech) उन्होंने कहा कि त्रेता युग में अयोध्या ने दुनिया को नीति दी थी, और 21वीं सदी की अयोध्या दुनिया को विकास का मॉडल देगी।
उन्होंने कहा कि राम ध्वजा दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा और युगों-युगों तक प्रभु राम के आदर्शों को मानव मात्र तक पहुंचाएगा। पीएम मोदी ने इस अद्वितीय अवसर के लिए सभी भक्तों, श्रम वीरों, योजनाकारों और मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी लोगों का अभिनंदन किया।
