
RTO नियमों पर बवाल, 15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं सुधरे हालात तो आंदोलन
Aligarh News: अलीगढ़ जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान चलाते हुए प्राइवेट स्कूलों के वाहनों पर सख्ती दिखाई है। आरटीओ विभाग द्वारा किए गए विशेष जांच अभियान में इको कार, टेंपो और स्कूल बसों की फिटनेस, परमिट और उनकी स्थिति की गहन जांच की गई। जांच में कई वाहन मानकों पर खरे नहीं उतरे। कुछ वाहनों की हालत जर्जर पाई गई, जबकि कई के पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे। ऐसे वाहनों को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं कुछ वाहनों को मौके पर ही खड़ा कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद स्कूल संचालकों और वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
अचानक हुई इस सख्ती से स्कूल प्रबंधन को बच्चों के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में पूर्व सांसद चौधरी विजेंद्र सिंह ने आरटीओ विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के की गई कार्रवाई से स्कूल संचालकों को दिक्कत हो रही है। विभाग ने 15 दिन का समय दिया है, जिसमें सभी वाहन संचालक अपने वाहनों की फिटनेस और दस्तावेज पूरे कर सकते हैं।
पूर्व सांसद ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर वाहनों को संचालन की अनुमति नहीं दी गई, तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपकर स्कूल वाहनों को राहत देने की मांग की। हालांकि आरटीओ विभाग ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और बिना फिटनेस या नियमों के वाहनों को सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा।
