
West Bengal Exit Poll 2026: “बीजेपी नेताओं के घर की महिलाओं ने भी TMC को वोट दिया” — गुलाम अहमद मीर का बयान
West Bengal Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले एग्जिट पोल के आंकड़ों ने सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। जहां अधिकतर एग्जिट पोल बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बढ़त दिखाते नजर आ रहे हैं, वहीं कांग्रेस के सीनियर विधायक और पश्चिम बंगाल के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने एक ऐसा दावा कर दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मीर ने न केवल एग्जिट पोल को खारिज किया है, बल्कि यह कहकर सबको चौंका दिया है कि बीजेपी के दिग्गज नेताओं के अपने घरों की महिलाओं ने भी इस बार टीएमसी के पक्ष में मतदान किया है। उनका कहना है कि 4 तारीख को जब नतीजे आएंगे, तो वे एग्जिट पोल के दावों से बिल्कुल उलट होंगे और टीएमसी एक बार फिर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।
“बंगाल का वोटर जागरूक”, कांग्रेस नेता ने बताया TMC को बढ़त का कारण
गुलाम अहमद मीर से जब एग्जिट पोल में बीजेपी की बढ़त को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे सिरे से नकारते हुए इसे बीजेपी का साल भर चलने वाला ‘एजेंडा’ करार दिया। उनका तर्क है कि जमीन पर यानी ग्राउंड जीरो पर ऐसी कोई लहर नहीं दिखी जो बीजेपी को बहुमत की ओर ले जाए। मीर ने स्वीकार किया कि बीजेपी ने वोटरों को लुभाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी और कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन बंगाल का वोटर बहुत जागरूक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुकाबला भले ही दो बड़ी पार्टियों के बीच है, लेकिन बढ़त के मामले में ममता बनर्जी की पार्टी काफी आगे निकल चुकी है क्योंकि राज्य की महिलाओं ने एकतरफा फैसला सुनाया है।
ममता की योजनाओं और मजबूत संगठन का जादू
मीर के अनुसार, टीएमसी की सबसे बड़ी ताकत राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही वेलफेयर स्कीम्स (जनकल्याणकारी योजनाएं) हैं, जिनका सीधा और गहरा असर इन चुनावों में साफ तौर पर देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि टीएमसी का जमीनी स्तर पर जो संगठनात्मक ढांचा है, वह किसी भी अन्य दल के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और सक्रिय है। मीर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल हवाबाजी करते हैं, जबकि नीचे संगठन के नाम पर उनके पास कुछ खास नहीं है। उनके मुताबिक, टीएमसी के इसी मजबूत कैडर और योजनाओं के लाभ ने वोटरों को बांधे रखा है, जिसका फल उन्हें चुनावी नतीजों में मिलेगा।
लेफ्ट और कांग्रेस की स्थिति पर बेबाक राय
हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस के प्रभारी होने के बावजूद गुलाम अहमद मीर ने अपनी पार्टी और लेफ्ट की कमजोर स्थिति को स्वीकार करने में कोई गुरेज नहीं किया। उन्होंने बेबाकी से कहा कि बंगाल में लेफ्ट अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और कांग्रेस का जनाधार भी लगभग शून्य के बराबर पहुंच गया है। उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि विपक्षी खेमा भी यह मान चुका है कि असली लड़ाई टीएमसी और बीजेपी के बीच ही है। हालांकि, उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि 4 मई को जब असल आंकड़े सामने आएंगे, तब टीएमसी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और बीजेपी का बहुमत का सपना अधूरा रह जाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें 4 तारीख के उस फैसले पर टिकी हैं, जो बंगाल का भविष्य तय करेगा।
