
तनाव के बीच उम्मीद की किरण, अमेरिका-ईरान बैठक की चर्चा तेज
US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही हाई प्रोफाइल वार्ता भले ही बिना किसी समझौते के खत्म हो गई हो, लेकिन अभी पूरी तरह निराशा की तस्वीर नहीं दिखाई दे रही है। यहां पाकिस्तान को अभी भी दोनों देशों के बीच दोबारा बातचीत को लेकर उम्मीद की किरण नजर आ रही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने बयान में इसका इशारा भी किया है।
10 दिन बाद फिर हो सकती है बातचीत
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने साफ कहा है कि मौजूदा दौर की बातचीत अब खत्म हो चुकी है। लेकिन उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि करीब 10 दिनों के अंदर एक बार फिर अमेरिका और ईरान बातचीत की टेबल पर लौट सकते हैं।
डार के मुताबिक हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह बिगड़े नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सीजफायर के बने रहने की संभावना अभी भी कायम है, जो इस पूरे संकट में एक राहत की बात मानी जा रही है।
पाकिस्तान ने जताया दोनों देशों का आभार
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान खुद को एक अहम मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है। इशाक डार ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच कई दौर की बातचीत हुई, जो काफी ‘रचनात्मक और गंभीर’ रही।
उन्होंने दोनों देशों का इस्लामाबाद आकर बातचीत करने और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद भी दिया। पाकिस्तान का दावा है कि उसने सीजफायर कराने में भी अहम भूमिका निभाई और आगे भी वह इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करता रहेगा।
डील नहीं हुई, लेकिन रास्ता खुला
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता भले ही नहीं हो पाया, लेकिन बातचीत का दरवाजा अभी भी खुला हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि बातचीत का चैनल बंद नहीं हुआ है और आगे भी कोशिशें जारी रहेंगी।
इससे यह साफ संकेत मिलता है कि दोनों देश पूरी तरह बातचीत से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं, बल्कि सही मौके का इंतजार कर रहे हैं।
ट्रंप के बयान से बदला माहौल
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि डील हो या न हो, अमेरिका पहले ही जीत चुका है। उनके इस बयान से यह संकेत मिल रहा है कि अमेरिका अब इस युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ट्रंप का रुख कुछ बदला हुआ नजर आया, जिससे पूरे मामले में और ज्यादा अनिश्चितताएं बढ़ गई है।
