
सुरों की विरासत छोड़ गईं आशा भोसले , 92 वर्ष में दुनिया को कहा अलविदा
Asha Bhosle : संगीत जगत की एक महान और अमर आवाज, अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे आनंद भोसले, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार और ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने की। इस खबर के सामने आते ही फिल्मी जगत से लेकर आम जनता तक शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि आशा भोसले पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल से बाहर आकर आनंद भोसले ने मीडिया को जानकारी दी कि सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके अंतिम दर्शन होंगे, जबकि शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉक्टर प्रतीत समदानी ने बताया कि उनका निधन मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ।
आशीष शेलार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज पूरा देश शोक में डूबा है और यह एक युग के अंत जैसा है।
आशा भोसले का नाम भारतीय संगीत इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने आठ दशकों से अधिक लंबे करियर में हजारों गीत गाकर संगीत जगत को समृद्ध किया। उनकी आवाज का जादू हर पीढ़ी के दिलों में बसा हुआ है। लगभग 12 हजार से अधिक गीतों के साथ उन्होंने एक अद्वितीय रिकॉर्ड कायम किया।
उनके कई गीत आज भी सदाबहार हैं, जिनमें ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘ये मेरा दिल’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘इन आंखों की मस्ती के’ और ‘दिल चीज क्या है’ शामिल हैं।
उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। वे दुनिया में सबसे अधिक गीत रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में भी शामिल रहीं।
