Bangladesh violence: फिर जल उठा बांग्लादेश! हादी की मौत के बाद कोहराम, फूँक दिए न्यूज़ चैनल, दहशत में पूरा देश

Bangladesh violence: फिर जल उठा बांग्लादेश! हादी की मौत के बाद कोहराम, फूँक दिए न्यूज़ चैनल, दहशत में पूरा देश

Bangladesh violence: पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा और नफरत की आग में झुलस उठा है। कट्टरपंथी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के संयोजक और प्रखर छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत की खबर ने पूरे देश में बारूद की तरह काम किया है। जैसे ही सिंगापुर के अस्पताल से उनकी मौत की पुष्टि हुई, बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत कई बड़े शहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गए। हजारों की संख्या में आक्रोशित प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। (Bangladesh violence) यह हिंसा इतनी भीषण है कि प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया, बल्कि मीडिया संस्थानों और ऐतिहासिक धरोहरों को भी आग के हवाले कर दिया है।

Also Read –MP News: यूट्यूबर्स पर सख्त हुए सीएम मोहन यादव, डीजीपी को दी कार्रवाई की खुली छूट

Bangladesh violence: हादी की मौत और शाहबाग में उमड़ा जनसैलाब

विवाद की शुरुआत तब हुई जब सिंगापुर के जनरल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान गुरुवार को शरीफ उस्मान हादी ने दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को ढाका में अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदेश ले जाया गया था। जैसे ही उनकी मौत की खबर ढाका पहुंची, समर्थक राजधानी के मशहूर शाहबाग चौराहे पर जुटना शुरू हो गए। (Bangladesh violence) प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मौजूदा सरकार हादी को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम रही। उग्र भीड़ ने हादी को “शहीद” घोषित करने की मांग की और न्याय के नारे लगाए। लेकिन कुछ ही घंटों में यह भीड़ बेकाबू हो गई और पूरे शहर में तोड़फोड़ और आगजनी का तांडव शुरू हो गया।

शेख मुजीब के घर और न्यूज़ चैनल पर हमला

हिंसक भीड़ के निशाने पर सबसे पहले ढाका का ऐतिहासिक ‘धनमंडी 32’ आया। यह बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान का पैतृक निवास है, जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता थे। प्रदर्शनकारियों ने इस ऐतिहासिक स्थल में फिर से आग लगा दी और जमकर तोड़फोड़ की। (Bangladesh violence) हैरानी की बात यह है कि इस जगह पर पिछले कुछ महीनों में यह चौथा हमला है। इसके अलावा, भीड़ ने ‘प्रथोम आलो’ न्यूज चैनल के दफ्तर को भी नहीं बख्शा और उसे आग के हवाले कर दिया। अवामी लीग के दफ्तरों को भी चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पूरे देश में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

Also Read –Chandauli: चंदौली विद्यालय परिवर्तन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

दहशत के साये में बांग्लादेश और अनिश्चित भविष्य

हादी की मौत के बाद भड़की इस हिंसा ने बांग्लादेश के सुरक्षा तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। ढाका की सड़कों पर देर रात तक नारेबाजी और धुएं का गुबार देखा गया। (Bangladesh violence) इंकलाब मंच ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने नेता की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए समर्थकों से एकजुट होने की अपील की है, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका है। देश के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं और आम नागरिक फिर से दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब इस बेकाबू भीड़ को शांत करना और कानून व्यवस्था को फिर से बहाल करना है।

CATEGORIES
TAGS
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )