
CM योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी का मामला- आरोपी मौलाना गिरफ्तार, जेल भेजे जाने से पहले मांगी माफी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी मौलाना अब्दुल्ला सलीम कासमी उर्फ चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को बिहार के पूर्णिया से पकड़ा और बाद में उसे बहराइच लाया गया।
बहराइच पुलिस के अनुसार, स्थानीय अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी।
विवादित भाषण और वीडियो का वायरल होना
सूत्रों के मुताबिक, मौलाना का विवादित भाषण मई 2024 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। हालांकि, यह वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
वायरल वीडियो में आरोपी द्वारा मुख्यमंत्री की मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। बलरामपुर जिले में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई, जबकि लखनऊ सहित अन्य स्थानों पर भी पुलिस को शिकायतें सौंपी गईं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
बहराइच सर्किल ऑफिसर (शहर) नारायण दत्त मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 196 (धर्म, जाति, भाषा आदि के आधार पर दुश्मनी बढ़ाना), धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और धारा 353 (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) शामिल हैं।
यह एफआईआर 8 मार्च को विश्व हिंदू परिषद की लीगल सेल के जिला संयोजक और अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
पूछताछ में स्वीकार की गलती, मांगी माफी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वही आरोपी है।वीडियो में मौलाना खुद यह स्वीकार करता नजर आता है कि 5 मई 2024 को बिहार के भागलपुर में एक शैक्षिक जागरूकता सम्मेलन के दौरान उसने अनुचित टिप्पणियां की थीं। वह हाथ जोड़कर कहता है,
“मैं तहे दिल से अपनी गलती के लिए माफी मांगता हूं और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।” उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी माफी मांगी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया:
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया। भाजपा के गोरखपुर सांसद रवि किशन सहित कई नेताओं ने मौलाना की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे अस्वीकार्य बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
