
वेडिंग कार्ड के नाम पर ठगी: सोनभद्र पुलिस ने पीड़ित को दिलाए ₹1.70 लाख
Sonbhadra News: जिले में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक साधारण दिखने वाली “वेडिंग कार्ड” APK फाइल ने युवक को बड़ा नुकसान पहुंचा दिया। हालांकि, चोपन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित को पूरी धनराशि वापस मिल गई, जिससे एक बड़ा साइबर फ्रॉड समय रहते विफल हो गया।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सराहनीय सफलता हासिल की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना चोपन की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले को प्राथमिकता पर लिया।
पीड़ित मनीष कुमार के मोबाइल पर 12 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से वेडिंग कार्ड के रूप में APK फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करते ही मोबाइल की गोपनीय जानकारी—जैसे OTP और बैंकिंग डिटेल—साइबर अपराधियों के कब्जे में चली गई। इसके बाद अपराधियों ने उनके खाते से ₹1,70,998/- की रकम उड़ा ली।
तकनीकी जांच से मिली सफलता
घटना के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। थाना चोपन की साइबर टीम ने तुरंत सक्रिय होकर डिजिटल ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया। पुलिस ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर धनराशि को फ्रीज कराया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पूरी रकम पीड़ित के खाते में वापस कराई।इस पूरे अभियान में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा, महिला कांस्टेबल प्राची शुक्ला और शैलजा सिंह की अहम भूमिका रही। उनकी त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की पीड़ित ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।
बरामद धनराशि:
₹1,70,998/- (पूर्ण रूप से वापस)
पुलिस की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत दर्ज करें।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, लेकिन समय रहते सतर्कता और पुलिस की तत्परता से नुकसान की भरपाई संभव है।
