Iran nuclear facility bombing: ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर US-इजरायल का बड़ा हमला! ‘हेवी-वॉटर’ और ‘येलोकेक’ प्लांट पर ताबड़तोड़ बमबारी

Iran nuclear facility bombing: ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर US-इजरायल का बड़ा हमला! ‘हेवी-वॉटर’ और ‘येलोकेक’ प्लांट पर ताबड़तोड़ बमबारी

Iran nuclear facility bombing: मध्य पूर्व की जंग अब सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। शुक्रवार को ईरान से आई एक सनसनीखेज खबर ने पूरी दुनिया के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी और इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरान के बेहद संवेदनशील परमाणु ठिकानों पर जोरदार हमला किया है। इस हमले में ईरान के ‘हेवी-वॉटर’ और ‘येलोकेक’ प्रोडक्शन प्लांट को निशाना बनाया गया है, जो परमाणु बम बनाने की प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से माने जाते हैं। ईरान की फ़ार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला मध्य ईरान के खोंदाब इलाके में हुआ है, जहां परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख रिसर्च रिएक्टर स्थित हैं।

खोंदाब पावर प्लांट पर 10 बार प्रहार

ईरान के मरकजी प्रांत के एक वरिष्ठ अधिकारी हसन गमारी ने पुष्टि की है कि खोंदाब हेवी-वॉटर कॉम्प्लेक्स को दुश्मन देशों ने दो चरणों में निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार, इस प्लांट पर करीब 10 बार मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया। खोंदाब पावर प्लांट, जिसे पहले अराक हेवी-वॉटर रिएक्टर के नाम से जाना जाता था, ईरान के परमाणु कार्यक्रम का दिल माना जाता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक इस हमले से किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं मिली है और न ही इलाके में किसी तरह के रेडियोधर्मी रिसाव (रेडिएशन) की पुष्टि हुई है।

क्या होता है येलोकेक और क्यों है यह इतना खतरनाक?

परमाणु विज्ञान की भाषा में ‘येलोकेक’ यूरेनियम का वह शुरुआती और केंद्रित रूप है, जिसे यूरेनियम अयस्क से निकाला जाता है। यह एक पीले रंग का पाउडर होता है और परमाणु ईंधन बनाने की पहली सीढ़ी है। इसी येलोकेक को प्रोसेस करके आगे चलकर परमाणु बम के लिए जरूरी सामग्री तैयार की जाती है। वहीं, ‘हेवी-वॉटर’ का इस्तेमाल परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन की गति को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। चूंकि खोंदाब रिएक्टर प्लूटोनियम जैसा बाई-प्रोडक्ट पैदा करने में सक्षम है, इसलिए इसे दुनिया भर में परमाणु हथियारों के प्रसार के नजरिए से अत्यंत संवेदनशील माना जाता रहा है।

IRGC की खुली चेतावनी

इस बड़े हमले के तुरंत बाद ईरान की सबसे ताकतवर सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) एक्शन मोड में आ गई है। IRGC ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी करते हुए उन सभी लोगों से अपील की है जो इस क्षेत्र में अमेरिकी या इजरायली कंपनियों और भारी उद्योगों में काम कर रहे हैं। तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके लड़ाके अब जवाबी कार्रवाई के तहत उन औद्योगिक केंद्रों को निशाना बनाएंगे जिनमें अमेरिका का हिस्सा है या जो इजरायल के सहयोगी हैं। ईरान ने इन उद्योगों के कर्मचारियों और एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाने का आदेश दिया है।

महाविनाश की आहट और वैश्विक चिंता

ईरान के परमाणु ठिकानों पर इस सीधे हमले ने वैश्विक स्तर पर डर पैदा कर दिया है कि अब यह जंग सीधे परमाणु टकराव में बदल सकती है। इजरायल और अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दुनिया के लिए खतरा बताते रहे हैं, लेकिन सीधे तौर पर रिएक्टरों को निशाना बनाना एक ऐसा कदम है जिससे पीछे हटना अब मुमकिन नहीं होगा। अब पूरी दुनिया की नजरें तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या ईरान इस हमले के जवाब में खाड़ी में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को तबाह करेगा? फिलहाल पूरे इलाके में युद्ध के नगाड़े बज रहे हैं और शांति की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।

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