
Basti News: बस्ती में हिंसा, प्रेम प्रसंग में युवक घायल, कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त
Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक युवक के लिए अपनी प्रेमिका से आधी रात को मिलने जाना उस समय भारी पड़ गया जब गांववालों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। यह मामला केवल प्रेमी की पिटाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आक्रोशित ग्रामीणों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए जमकर तांडव मचाया। इस घटना में न केवल प्रेमी और उसके भाई की बेरहमी से पिटाई की गई, बल्कि वह लग्जरी कार भी मलबे के ढेर में तब्दील हो गई जिसे प्रेमी अपने दोस्त से मांग कर लाया था।
आधी रात का सन्नाटा और गांववालों का घेराव
घटना बस्ती के एक ग्रामीण इलाके की है, जहां एक युवक देर रात अपनी प्रेमिका से मुलाकात करने के लिए चोरी-छिपे उसके गांव पहुंचा था। युवक अकेला नहीं था, बल्कि उसने अपने भाई को भी साथ ले रखा था ताकि किसी भी आपात स्थिति में मदद मिल सके। वह अपने एक परिचित से कार मांग कर लाया था ताकि सफर आरामदायक और सुरक्षित रहे। लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि गांव की सतर्क निगाहें उसे भांप लेंगी। जैसे ही उसकी कार गांव की सीमा में दाखिल हुई, कुछ ग्रामीणों को शक हो गया। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडों के साथ मौके पर जमा हो गए।
बिना सवाल-जवाब शुरू हुआ ‘तालिबानी’ इंसाफ
गांववालों ने जैसे ही कार को चारों तरफ से घेरा, उसमें सवार दोनों भाई बुरी तरह डर गए। ग्रामीणों ने उन्हें कार से बाहर खींच लिया और बिना किसी पूछताछ या सफाई का मौका दिए उनकी पिटाई शुरू कर दी। युवक और उसका भाई अपनी जान की भीख मांगते रहे, बार-बार खुद को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन भीड़ के सिर पर खून सवार था। गांववालों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने प्रेमी के साथ आए उसके मासूम भाई को भी नहीं बख्शा। अंधेरे में उन पर लात-घूंसे और डंडे बरसाए गए। ग्रामीणों का कहना था कि रात के अंधेरे में अनजान लोगों का इस तरह गांव में आना सामाजिक मर्यादा के खिलाफ है।
भीड़ का तांडव, पिटाई के बाद गाड़ी को भी नहीं छोड़ा
जब पिटाई से भी गांववालों का मन नहीं भरा, तो उन्होंने अपना निशाना उस कार को बनाया जिससे दोनों भाई आए थे। यह कार प्रेमी अपने किसी जानने वाले से बहुत मिन्नतें करके मांग कर लाया था। ग्रामीणों ने पत्थर और लाठियों से कार के शीशे तोड़ डाले और उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। कुछ ही मिनटों में चमचमाती कार कबाड़ जैसी नजर आने लगी। युवक के लिए यह दोहरी मार थी; एक तरफ शरीर पर जख्म थे और दूसरी तरफ अब उसे अपने दोस्त को इस टूटी हुई कार का जवाब देना था।
भीड़ बेकाबू, पुलिस ने घायलों को सुरक्षित निकाला
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की समय पर एंट्री ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया, वरना भीड़ किसी भी हद तक जा सकती थी। पुलिस ने दोनों घायल भाइयों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले आई। क्षतिग्रस्त कार को भी क्रेन की मदद से थाने पहुंचाया गया। देर रात तक थाने पर दोनों पक्षों के लोगों की भारी भीड़ जमा रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तहरीर मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
