Varanasi Lahartara bulldozer action: दालमंडी के बाद लहरतारा में कार्रवाई, भारी पुलिस बल के बीच तोड़े गए निर्माण

Varanasi Lahartara bulldozer action: दालमंडी के बाद लहरतारा में कार्रवाई, भारी पुलिस बल के बीच तोड़े गए निर्माण

Varanasi Lahartara bulldozer action: धर्म और अध्यात्म की वैश्विक नगरी वाराणसी में इन दिनों बदलाव की एक नई इबारत लिखी जा रही है। काशी की संकरी गलियों और सड़कों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में मोहनसराय से लहरतारा बौलिया तक प्रस्तावित महत्वाकांक्षी 6-लेन सड़क परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन का ‘बुलडोजर’ एक्शन मोड में आ गया है। दालमंडी में हुई बड़ी कार्रवाई के बाद अब लहरतारा चौराहे पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को ढहाने का काम शुरू हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन का साफ संदेश है कि शहर के विकास के आड़े आने वाले किसी भी अवरोध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दालमंडी के बाद लहरतारा में हड़कंप

वाराणसी जिला प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के मार्ग में आ रहे अवैध ढांचों को हटाने के लिए अभियान तेज कर दिया है। लहरतारा चौराहे पर जैसे ही सुबह बुलडोजर पहुंचा, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क की सीमा के भीतर आने वाले पक्के मकानों और दुकानों को ढहाने की प्रक्रिया शुरू की गई। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर भारी संख्या में पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का तर्क है कि वाराणसी की बढ़ती आबादी और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात को सुगम बनाने के लिए इस मार्ग को 6-लेन करना समय की मांग है।

मलबे में तब्दील हुए वर्षों पुराने आशियाने

प्रशासनिक सर्वे की मानें तो मोहनसराय से लहरतारा बौलिया रूट पर कुल 100 मकानों को सड़क चौड़ीकरण के दायरे में चिन्हित किया गया था। कार्रवाई के पहले चरण में ही 41 मकानों को ढहा दिया गया था, जबकि आज की ताजा कार्रवाई में शेष बचे हुए ढांचों को निशाना बनाया गया। देखते ही देखते कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतें मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। लहरतारा चौराहे के पास रहने वाले लोग अपने आशियानों को टूटते देख भावुक नजर आए, लेकिन विकास की मशीनरी के आगे उनकी एक न चली। प्रशासन का लक्ष्य जल्द से जल्द जमीन खाली कराकर निर्माण कार्य शुरू करना है।

मुआवजे पर तकरार: बेघर हुए लोगों का आक्रोश

इस ध्वस्तीकरण अभियान ने मुआवजे और नोटिस को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें उचित मुआवजा दिए बिना ही बेघर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और उनके पास वैध दस्तावेज हैं, फिर भी उन्हें उजाड़ा जा रहा है। वहीं, जिला प्रशासन ने इन आरोपों को गलत बताया है। अधिकारियों का दावा है कि सभी प्रभावितों को एक साल पहले ही नोटिस थमा दिए गए थे और बार-बार मुनादी कराकर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी है और नियमों के तहत ही की जा रही है।

वाराणसी की नई लाइफलाइन

मोहनसराय से लहरतारा बौलिया तक बनने वाली यह 6-लेन सड़क वाराणसी की नई लाइफलाइन साबित होगी। वर्तमान में इस मार्ग पर घंटों जाम लगा रहता है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क चौड़ी होने के बाद शहर में प्रवेश और निकास काफी आसान हो जाएगा। हालांकि, विकास की इस कीमत पर स्थानीय निवासियों का आक्रोश प्रशासन के लिए एक चुनौती बना हुआ है। फिलहाल, सुरक्षा घेरे के बीच मलबे को हटाने और सड़क निर्माण की आधारशिला रखने की तैयारी पूरी की जा रही है। आने वाले दिनों में वाराणसी की सूरत और भी बदली हुई नजर आएगी।

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