Anandiben Patel Statement: ‘गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं, लेकिन शादी का वादा निभाना भी सीखें’, युवाओं को राज्यपाल की नसीहत !

Anandiben Patel Statement: ‘गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं, लेकिन शादी का वादा निभाना भी सीखें’, युवाओं को राज्यपाल की नसीहत !

Anandiben Patel Statement: प्यार करना आसान हो सकता है, लेकिन रिश्ते की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयारी भी जरूरी है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Anandiben Patel) ने युवाओं को कुछ इसी अंदाज में रिश्तों, शादी और आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि गर्लफ्रेंड (Girlfriend) बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर किसी से शादी का वादा किया है तो उसे निभाने की जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए। राज्यपाल ने कम उम्र में लड़कियों को मां बनाकर छोड़ देने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब युवाओं के रिश्तों, कम उम्र में मातृत्व (Early Motherhood) और व्यक्तिगत फैसलों की जिम्मेदारी पर लगातार चर्चा होती रही है।

‘गर्लफ्रेंड बनाएं, लेकिन वादा निभाना भी सीखें’

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल गुरुवार को लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Maharishi University of Information Technology) के सातवें दीक्षांत समारोह (7th Convocation Ceremony) में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेम संबंध बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन रिश्ते के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे पहले अपने पैरों पर खड़े हों और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर (Financially Independent) बनें। इसके बाद ही शादी और परिवार की जिम्मेदारी उठाने के बारे में गंभीरता से सोचें। उनके संदेश का जोर इस बात पर था कि रिश्ते केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता (Commitment), समझदारी और जिम्मेदारी से भी चलते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि यदि कोई युवक किसी लड़की से शादी का वादा करता है, तो उसे उस वादे की अहमियत समझनी चाहिए। रिश्ते में लिए गए फैसलों का असर केवल दो लोगों पर नहीं, बल्कि उनके भविष्य और परिवार पर भी पड़ सकता है।

‘13-14 साल की उम्र में मां बनाकर छोड़ना गलत’

आनंदी बेन पटेल ने कम उम्र में मातृत्व के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 13-14 साल की उम्र में किसी लड़की को मां बनाकर छोड़ देना गलत है। उनकी टिप्पणी का केंद्र कम उम्र में लिए गए फैसलों के गंभीर परिणाम और युवाओं की जिम्मेदारी थी।

कम उम्र में गर्भधारण (Teenage Pregnancy) का असर किशोरियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में लड़की के सामने पढ़ाई जारी रखने, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और अपने जीवन के फैसले लेने जैसी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए किशोरों को रिश्तों, सहमति (Consent), यौन स्वास्थ्य (Sexual Health) और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के बारे में सही जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने युवाओं को यह समझाने की कोशिश की कि किसी रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले उसके संभावित परिणामों पर विचार करना जरूरी है। केवल वादा करना पर्याप्त नहीं, उसे निभाने की क्षमता और इच्छाशक्ति भी होनी चाहिए।

लव मैरिज के खिलाफ नहीं हैं राज्यपाल

यह पहली बार नहीं है जब आनंदी बेन पटेल ने प्रेम संबंधों और शादी को लेकर युवाओं को सलाह दी हो। इससे पहले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University-AKTU) के 24वें दीक्षांत समारोह में भी उन्होंने लव मैरिज (Love Marriage) पर अपनी बात रखी थी।

उस दौरान राज्यपाल ने कहा था कि वह प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं हैं। युवाओं को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें शादी के बाद आने वाली जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर होने के बाद शादी करने की सलाह दी थी।

अपने बेटे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया था कि उन्होंने उससे कहा था कि अगर उसे कोई लड़की पसंद आए तो वह बता सकता है, वह उसकी शादी करवा देंगी। हालांकि, उनके मुताबिक, उनके बेटे को कोई पसंद ही नहीं आई।

इन टिप्पणियों के जरिए राज्यपाल युवाओं को यह संदेश देती रही हैं कि प्रेम और शादी व्यक्तिगत पसंद के विषय हैं, लेकिन इनके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।

दीक्षांत समारोह में 2,279 विद्यार्थियों को मिली डिग्री

महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में कुल 2,279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा (Degree and Diploma) प्रदान किए गए। इनमें 20 शोधार्थियों को पीएचडी (PhD), 324 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएशन (Post-Graduation) और 1,612 विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन (Graduation) की डिग्री दी गई। इसके अलावा 323 विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किया गया।

समारोह में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय (Yogendra Upadhyay) भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए मिनी एक्सपो (Mini Expo) भी लगाया गया, जहां विभिन्न गतिविधियों और प्रदर्शनों के जरिए शैक्षणिक कार्यों को प्रस्तुत किया गया।

दीक्षांत समारोह में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह उपलब्धि का दिन था, वहीं राज्यपाल के संबोधन ने रिश्तों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को भी चर्चा में ला दिया। उनका संदेश साफ था- युवाओं को अपने फैसले लेने की आजादी होनी चाहिए, लेकिन उन फैसलों के परिणामों की जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।

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