
Raebareli News : गाजीपुर-हरदोई हत्याकांड के विरोध में Raebareli में सपा का विशाल रोष मार्च
Raebareli News : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और हरदोई में हुई बेटियों की निर्मम हत्या के विरोध में आज रायबरेली जनपद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सपा जिला कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल ‘रोष मार्च’ निकाला गया, जिसमें पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जोरदार नारेबाजी की।
हत्यारों को फांसी और 50-50 लाख मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इस दौरान समाजवादी पार्टी ने दो टूक मांग रखी कि निशा विश्वकर्मा और शिल्पी कुशवाहा (विश्वनोई समाज) के हत्यारों को जल्द से जल्द चिह्नित कर उन्हें फांसी की सजा दी जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई।
सपा ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा जिला अध्यक्ष और प्रदेश सचिव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए:वीरेंद्र यादव (जिला अध्यक्ष, सपा):”योगी आदित्यनाथ की सरकार उत्तर प्रदेश में पूरी तरह फेल साबित हो रही है। प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हरदोई और गाजीपुर की घटनाएं दिल दहला देने वाली हैं। विश्वनोई समाज की बेटी के साथ जो हुआ, वह सरकार के सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है। अगर जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र होगा।”
शशिकांत शर्मा (प्रदेश सचिव, सपा)
”समाजवादी पार्टी हमेशा पीड़ितों के साथ खड़ी है। हम राज्यपाल महोदय से मांग करते हैं कि वह इस जंगलराज का संज्ञान लें। अपराधियों में कानून का खौफ खत्म हो चुका है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मार्च के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। सपाईयों के जोश और नारेबाजी को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। हालांकि, तीखी नोकझोंक के बावजूद पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रही। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक दोषियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुँचाया जाता, समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
मुख्य बिंदु:
उद्देश्य: निशा विश्वकर्मा और शिल्पी कुशवाहा के लिए न्याय की मांग।
मांग: फांसी की सजा और 50 लाख का मुआवजा।
आरोप: प्रदेश में बढ़ता अपराध और कानून व्यवस्था की विफलता।
