
झांसी में युवती की संदिग्ध मौत से सनसनी, जांच में जुटा प्रशासन
Jhansi News: झांसी में एक ओर जहां संदिग्ध परिस्थितियों में युवती की मौत ने सनसनी फैला दी, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है, जबकि मुख्य सचिव ने प्रदेश भर में कानून व्यवस्था और जरूरी सेवाओं को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
संदिग्ध हालात में युवती की मौत, दफनाने की कोशिश नाकाम
नवाबाद थाना क्षेत्र में मणिपुर की रहने वाली टेरेसा उर्फ सिम्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह सीपरी बाजार क्षेत्र के एक स्पा सेंटर में काम करती थी और अपनी सहकर्मी जोया के घर पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी।
बताया गया कि बीमार होने पर उसका इलाज कराया जा रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए शव को कब्रिस्तान में दफनाने की कोशिश की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पति और दोस्त ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के पति जॉनसन और उसके दोस्त अमन सिंह ने जोया और उसके भाई पर कई आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना अनुमति और बिना पोस्टमार्टम के शव को दफनाने की कोशिश की गई। साथ ही मृतका के फोन को लेकर भी विवाद सामने आया है। पुलिस इन सभी आरोपों की जांच कर रही है।
कब्रिस्तान में नहीं मिला दफनाने का अनुमति
कब्रिस्तान प्रबंधन के अनुसार, दस्तावेजों की कमी और धार्मिक पहचान स्पष्ट न होने के कारण शव को दफनाने से इंकार कर दिया गया था। इसके बाद मामला और संदिग्ध हो गया।
लिव-इन संबंध भी जांच के घेरे में
जांच में यह बात भी सामने आई है कि युवती अपनी सहकर्मी के भाई के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। इससे जुड़े पहलुओं की भी पुलिस जांच कर रही है।
प्रशासन सख्त, अवैध शराब पर जीरो टॉलरेंस
इसी बीच, मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी अवैध शराब की बिक्री न हो। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी दुर्घटना की संभावना को समाप्त किया जाए।
गैस आपूर्ति और किसान योजनाओं पर जोर
मुख्य सचिव ने घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए। साथ ही प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने और 15 मई 2026 से फार्मर आईडी अनिवार्य करने की बात कही गई।
