
West Bengal Election 2026: EVM पर टेप लगने के आरोप से मचा बवाल
West Bengal Election 2026 EVM Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण की कुल 142 सीटों पर चल रही वोटिंग के बीच EVM को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से EVM पर टेप लगाए जाने की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया, जहां-जहां इस तरह की गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां दोबारा मतदान कराये जायेंगे।
नेता अमित मालवीय ने लगाया EVM को लेकर बड़ा आरोप
दरअसल, भाजपा के नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आरोप लगाया कि फाल्टा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर EVM के ऊपर टेप लगाया गया है, जिससे भाजपा उम्मीदवार का नाम और बटन स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
जहां-जहां गड़बड़ी, वहां पुनर्मतदान
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने यह साफ़ किया कि जिन भी मतदान केंद्रों पर EVM पर काला या सफेद टेप पाया जाएगा, वहां पुनर्मतदान मतदान कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो पूरे क्षेत्र में फिर से मतदान कराने का फैसला भी लिया जा सकता है।
फाल्टा सीट सबसे अधिक चर्चा में क्यों ?
फाल्टा सीट इस बार चर्चित रही क्योंकि यहां से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान मैदान में हैं। ऐसे में इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है। भाजपा ने इसे चुनावी धांधली करार देते हुए निष्पक्ष रूप से जांच की मांग की है, जबकि TMC की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चुनाव आयोग का सख्त आदेश
चुनाव आयोग ने पहले ही सभी पीठासीन अधिकारियों को कड़े आदेश दिए थे कि वोटिंग शुरू होने से पहले EVM पर सभी उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया था कि किसी भी बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री से ढंकने का प्रयास न किया जाए।
जानकारी के अनुसार, अगर किसी भी उम्मीदवार के बटन को ढकने या उसमें किसी भी प्रकार के छेड़छाड़ का मामला सामने आता है, तो इसे गंभीर चुनावी अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में न सिर्फ पुनर्मतदान कराया जाएगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं के अधिकार और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता को बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फाल्टा समेत कई क्षेत्रों में बढ़ी सुरक्षा
इस घटनाक्रम के बाद फाल्टा समेत कई क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वोटिंग प्रक्रिया पर कड़ी से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या यह विवाद चुनावी परिणाम को प्रभावित करता है।
