
Lucknow News: भाजयुमो नेता चेतन तिवारी फायरिंग केस में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई
Lucknow News: लखनऊ में भाजयुमो नेता चेतन तिवारी गोलीकांड मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी वैभव बाजपेई चेतन तिवारी का करीबी दोस्त था। दोनों के बीच दोस्ती करीब तीन साल पहले एक विवाद के बाद दुश्मनी में बदल गई थी।
‘महाराज’ उपाधि को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, चेतन तिवारी ने लगभग 3 साल पहले अपने नाम के आगे “महाराज” लिखना शुरू कर दिया था। इसी बात को लेकर वैभव बाजपेई ने आपत्ति जताई थी। वैभव का कहना था कि उसके बाबा पुत्तन बाजपेई को समाज ने सम्मान के तौर पर “महाराज” की उपाधि दी थी। हालांकि चेतन ने नाम के आगे “महाराज” लिखना बंद नहीं किया, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। पुलिस पूछताछ में वैभव ने बताया कि वर्ष 2023 तक दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी, लेकिन इसी विवाद के बाद रिश्ते बिगड़ गए। बाद में 2024 में चेतन ने वैभव और उसके परिवार के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराईं, जिससे दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक इलाके में वर्चस्व की लड़ाई भी इस दुश्मनी की एक बड़ी वजह बनी।
जानें पूरा मामला
घटना शनिवार रात की है, जब चेतन तिवारी अपने घर के बाहर पार्किंग निर्माण का काम करवा रहे थे। इसी दौरान वैभव बाजपेई वहां पहुंचा और अचानक कंट्री मेड पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगते ही चेतन सड़क पर गिर पड़े। उन्हें बचाने आए कर्मचारी उदय राज रावत पर भी आरोपी ने फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग मौके पर जमा हो गए। आरोपी लोगों को धमकाते हुए वहां से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वहीं चेतन के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक साल पहले भी वैभव ने चेतन पर जानलेवा हमला किया था, लेकिन प्रभावशाली होने के कारण उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि समय रहते कार्रवाई होती तो यह वारदात टाली जा सकती थी।
