Tamil Nadu Floor Test 2026: तमिलनाडु में TVK सरकार का शक्ति प्रदर्शन, सी. जोसेफ विजय ने जीता विश्वास मत

Tamil Nadu Floor Test 2026: तमिलनाडु में TVK सरकार का शक्ति प्रदर्शन, सी. जोसेफ विजय ने जीता विश्वास मत

Tamil Nadu Floor Test 2026: तमिलनाडु की राजनीति में आज 13 मई 2026 का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हुआ, जब मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने विधानसभा में सफलतापूर्वक विश्वास मत हासिल कर अपनी सरकार की स्थिरता पर उठ रहे तमाम बड़े सवालों का ज़बरदस्त तरीके से जवाब दे दिया। तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) सरकार ने विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में शानदार जीत दर्ज की। विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में लगभग 144 वोट डाले गए, जबकि विरोध में मात्र 22 विधायकों ने मतदान किया। वहीं, 5 सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे।

इस शानदार जीत के साथ ही मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने यह पूरी तरह से साफ़ कर दिया कि राज्य की सत्ता पर उनकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। फ्लोर टेस्ट के परिणाम सामने आने के बाद TVK कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखने को मिला।

DMK के वॉकआउट से बदल गया पूरा समीकरण

तमिलनाडु विधानसभा की मौजूदा वक़्त में प्रभावी संख्या लगभग 232 है, जिसमें बहुमत का आंकड़ा 117 था। लेकिन विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी दल DMK के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। DMK के पास कुल 59 विधायक हैं। उनके बाहर जाने के बाद सदन में बहुमत का आंकड़ा कम होकर सिर्फ 88 रह गया, जिससे विजय सरकार के लिए रास्ता और भी आसान हो गया।

DMK के वॉकआउट के बाद TVK, वामपंथी दलों, VCK, IUML, BJP, DMK, PMK और अन्य सहयोगी दलों के विधायक सदन में मौजूद रहे। इसके बाद वोटिंग प्रक्रिया पूरी हुई और विजय सरकार ने आराम से बहुमत साबित कर दिया।

फ्लोर टेस्ट से पहले सहयोगी दलों के साथ बैठक

विश्वास मत से पहले मुख्यमंत्री विजय ने कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण अहम बैठक की। इस बैठक में सभी सहयोगी दलों ने TVK सरकार को पूरा समर्थन देने का विश्वास दिया। इसके बाद सरकार का आत्मविश्वास और बढ़ गया।

हालांकि, विपक्षी दल AIADMK ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह विजय सरकार के खिलाफ मतदान करेगी। AIADMK प्रमुख Edappadi K. Palaniswami ने विधानसभा में कहा कि उनकी पार्टी के सभी विधायक विश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करेंगे।

उदयनिधि स्टालिन का सरकार पर तगड़ा हमला

फ्लोर टेस्ट के दौरान विधानसभा में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी खूब देखने को मिले। विपक्ष के नेता Udhayanidhi Stalin ने मुख्यमंत्री विजय और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा।

उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि TVK सरकार बहुमत बचाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति को मजाक बना दिया गया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “अब तो नेता दल बदलने से पहले ही विधायकों को निमंत्रण देने पहुंच रहे हैं।”

DMK नेता ने यह भी कहा कि TVK सरकार के पास खुद का स्पष्ट जनादेश नहीं है और वह सिर्फ सहयोगी दलों के समर्थन के दम पर सत्ता में बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वामपंथी दलों और अन्य सहयोगियों ने TVK को सिर्फ राष्ट्रपति शासन रोकने और धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाए रखने के लिए समर्थन दिया था।

AIADMK में भी दिखी अंदरूनी कलह

विश्वास प्रस्ताव के दौरान AIADMK के अंदर भी मतभेद खुलकर सामने आए। सदन में उस वक़्त बड़ा हंगामा खड़ा हो गया जब विधानसभा अध्यक्ष JCD प्रभाकर ने बागी विधायक MP वेलुमणि को बोलने की अनुमति दी।

AIADMK विधायकों ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि TVK सरकार विपक्ष के भीतर फूट डालने का पूरा प्रयास कर रही है। बागी विधायक SP वेलुमणि ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री विजय को जनादेश प्राप्त है और उनकी पार्टी के कुछ नेता विजय सरकार का समर्थन करने के पक्ष में हैं।

इस बयान के बाद विधानसभा में बहुत देर तक शोर-शराबा और नारेबाजी होती रही। AIADMK प्रमुख पलानीस्वामी ने भी पार्टी विधायकों से एकत्रित रहने की अपील की और कहा कि विजय सरकार को हराने के लिए पार्टी को संगठित रहना होगा।

BJP पर टिप्पणी से नाराज हुई PMK

फ्लोर टेस्ट के दौरान एक और बेहद दिलचस्प मोड़ तब आया जब PMK विधायक सौम्या अंबुमणि ने सरकार पर BJP विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शासन और जनता के मुद्दों पर होनी चाहिए थी, लेकिन इसे भाजपा विरोधी मंच बना दिया गया।

सौम्या अंबुमणि ने राज्य में शराब की दुकानों और अवैध शराब बिक्री का मुद्दा भी खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक दुकान बंद होने पर आसपास कई अवैध दुकानें खुल जाती हैं और सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

विजय सरकार के लिए क्यों महत्वपूर्ण था यह फ्लोर टेस्ट?

राज्य में बीते कुछ दिनों से राजनीतिक अस्थिरता की चर्चा तेज थी। विपक्ष लगातार दावा कर रहा था कि TVK सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। ऐसे में फ्लोर टेस्ट विजय सरकार के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया था। लेकिन सदन में 144 विधायकों का समर्थन हासिल कर मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि उनकी सरकार फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है। इस जीत से न सिर्फ TVK का मनोबल बढ़ा है, बल्कि विपक्ष को भी तगड़ा झटका लगा है।

इसे लेकर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फ्लोर टेस्ट में मिली जीत के बाद अब विजय सरकार राज्य में अपनी नीतियों और योजनाओं को ज्यादा मजबूती के साथ आगे बढ़ा सकेगी। वहीं, विपक्षी दलों के सामने अब नई रणनीति तैयार करने की चुनौती होगी।

बता दे, तमिलनाडु विधानसभा में हुए इस हाई-वोल्टेज फ्लोर टेस्ट ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। अब आगामी दिनों में TVK और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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