Bulandshahr News: जनता को राहत देने वाली योजना पर सवाल,बुलंदशहर टेस्टिंग सेंटर बना ‘वसूली अड्डा’

Bulandshahr News: जनता को राहत देने वाली योजना पर सवाल,बुलंदशहर टेस्टिंग सेंटर बना ‘वसूली अड्डा’

Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आम जनता की सहूलियत के लिए मोटर ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर इसलिए शुरू किए थे ताकि आरटीओ दफ्तरों में ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर होने वाली अवैध वसूली पर रोक लग सके, लेकिन बुलंदशहर में यह व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है, जहां वाई बी बिल्डर का मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस और टेस्टिंग सेंटर भ्रष्टाचार का अड्डा बनने के गंभीर आरोपों में घिर गया है।

कैसे चल रहा है अवैध वसूली का खेल

आरोप है कि सेंटर पर आवेदकों को जानबूझकर फेल कर दबाव बनाया जाता है। ताकि उनसे पैसे वसूले जा सकें, महज डेढ़ घंटे में तीन टेस्ट लिए जाते हैं, जिनमें दो बार फेल दिखाकर अभ्यर्थी को मानसिक रूप से दबाव में लिया जाता है, इसके बाद रिश्वत देने पर ही पास करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है, यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से संचालित होने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता का गंभीर आरोप

बुलंदशहर निवासी शीशपाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने समधी के बेटे कपिल शर्मा निवासी जिरोली अनूपशहर के एलएमवी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। 23 दिसंबर 2025 को आवेदन हुआ और 19 जनवरी 2026 को टेस्ट की तारीख मिली। तय दिन पर जब कपिल शर्मा टेस्ट देने पहुंचे तो पहला टेस्ट सुबह 11:40 पर और दूसरा टेस्ट 12:14 पर लिया गया और दोनों में उन्हें फेल कर दिया गया। आरोप है कि इसके बाद सेंटर से जुड़े लोगों ने 5500 रुपये की मांग की और दबाव बनाना शुरू कर दिया।

पैसों का लेनदेन और 21 मिनट में पास का खेल

वहीं आरोप के अनुसार गैंग के एक सदस्य ने मैनेजर रमित सरदार से मिलने को कहा, उसके बाद रमित सरदार ने मयंक नामक व्यक्ति का नंबर 8273555444 दिया। जिससे बातचीत के दौरान मयंक कांत ने 5500 रुपये पेटीएम करने को कहा और क्यूआर कोड भेजा गया। जिसके बाद जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, मात्र 21 मिनट के भीतर तीसरा टेस्ट लिया गया और पहले दो बार फेल किए गए अभ्यर्थी को पास घोषित कर दिया गया।

FIR दर्ज, आरोपी पर गंभीर धाराएं

वहीं इस पूरे मामले में शीशपाल शर्मा की शिकायत पर वाई बी बिल्डर के शाहबाज दौलतपुर स्थित ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के मैनेजर रमित सरदार और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ खुर्जा देहात थाने में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हालांकि आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
आरटीओ की प्रतिक्रिया और विभागीय स्थिति

वहीं बुलंदशहर के एआरटीओ सतीश चंद्र ने मामले पर अनभिज्ञता जताई है, उनका कहना है कि शिकायत मिलने पर विभागीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की लिखित शिकायत विभाग को दी जाए, जानकारी के अनुसार आरआई कार्य दिवस में लगभग 12:30 बजे से तीन घंटे तक टेस्टिंग सेंटर पर मौजूद रहते हैं।

 

CATEGORIES
TAGS
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )