
LPG E-KYC Last Date 2026: 30 जून से पहले करा लें ई-केवाईसी, नहीं तो बंद हो सकती है गैस सब्सिडी
LPG E-KYC Last Date 2026: अगर आप घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के उपभोक्ता हैं और आप उस पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का भी लाभ लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक अपना आधार आधारित सत्यापन पूरा नहीं कराया है, उन्हें 30 जून से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समयसीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने पर गैस सब्सिडी बंद हो सकती है और भविष्य में सिलेंडर की डिलीवरी से जुड़ी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है। आइए समझते हैं क्या है पूरी प्रक्रिया –
LPG उपभोक्ताओं के लिए क्यों जरूरी हुई E-KYC?
सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि एलपीजी सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे। इसी उद्देश्य से ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के आधार पर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थी और गलत तरीके से सब्सिडी लेने वाले मामलों पर रोक लगाई जा सकेगी।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना (DBTL) के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं को 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी करनी होगी।
1 जुलाई से क्या होगा असर?
यदि किसी उपभोक्ता ने 30 जून तक ई-केवाईसी नहीं कराई, तो 1 जुलाई से उसके खाते में गैस सब्सिडी का पैसा आना बंद हो सकता है। कई क्षेत्रों में गैस एजेंसियों ने भी उपभोक्ताओं को समय रहते सत्यापन कराने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में एलपीजी वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सत्यापित बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऐसे में बिना ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग या सब्सिडी से जुड़े अतिरिक्त सत्यापन का सामना करना पड़ सकता है।
क्या बाद में E-KYC कराने पर सब्सिडी मिल जाएगी?
यदि कोई उपभोक्ता 30 जून की समयसीमा चूक जाता है और बाद में ई-केवाईसी कराता है, तो उसे आगे की गैस बुकिंग पर सब्सिडी का लाभ फिर से मिल सकता है। हालांकि जिस अवधि में ई-केवाईसी नहीं होगी, उस दौरान रुकी हुई सब्सिडी का बकाया भुगतान मिलने की संभावना बेहद कम रहती है। इसलिए अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द सत्यापन कराना बेहतर विकल्प है।
घर बैठे मोबाइल से भी हो सकती है E-KYC
इंडेन गैस के उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे उपभोक्ता कुछ ही मिनटों में प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में IndianOil ONE ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद अपनी एलपीजी आईडी को लिंक करना होगा। इसके बाद प्रोफाइल सेक्शन में जाकर ई-केवाईसी विकल्प चुनकर फेस स्कैन और आधार आधारित सत्यापन पूरा किया जा सकता है।
ऑफलाइन भी उपलब्ध है सुविधा
जो उपभोक्ता ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं करना चाहते, वे अपने नजदीकी एलपीजी वितरक या गैस एजेंसी पर जाकर भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। वहां आधार कार्ड और आवश्यक जानकारी के आधार पर बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। सरकार और तेल कंपनियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
E-KYC कराने के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उपभोक्ता के पास आधार कार्ड और गैस कनेक्शन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। मोबाइल नंबर आधार और गैस कनेक्शन से लिंक होने पर प्रक्रिया और भी आसान हो जाती है। यदि किसी उपभोक्ता का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो उसे पहले संबंधित एजेंसी में जानकारी अपडेट करानी पड़ सकती है।
फर्जी कॉल और धोखाधड़ी से रहें सावधान
ई-केवाईसी अभियान के दौरान साइबर ठग भी सक्रिय हो सकते हैं। उपभोक्ताओं को केवल आधिकारिक मोबाइल ऐप, गैस एजेंसी या तेल कंपनी के अधिकृत माध्यमों के3 उपयोग पर ही भरोसा करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, आधार नंबर या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। ई-केवाईसी के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से भी सतर्क रहें, क्योंकि यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। साथ ही एलपीजी सब्सिडी का लाभ जारी रखने और भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए सभी पात्र उपभोक्ताओं को 30 जून से पहले ई-केवाईसी अवश्य पूरी कर लेनी चाहिए। यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि आपके गैस कनेक्शन, सब्सिडी और निर्बाध सिलेंडर आपूर्ति को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण कदम है। आखिरी समय की भीड़ और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए अभी सत्यापन कराना सबसे समझदारी भरा फैसला साबित होगा।
