Abhijeet Dipke Hunger Strike: सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचते ही अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, आज से आमरण अनशन शुरू

Abhijeet Dipke Hunger Strike: सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचते ही अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, आज से आमरण अनशन शुरू

Abhijeet Dipke Hunger Strike: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब एक बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच चुका है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन धरना स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद, आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से साफ मना कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को एक बहुत बड़ा ऐलान करते हुए सबको चौंका दिया है। दिपके ने घोषणा की है कि वांगचुक की अनुपस्थिति में अब वे खुद इस मोर्चे को संभालेंगे और आज से ही आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि वांगचुक भले ही अस्पताल में हों, लेकिन जंतर-मंतर पर न्याय की यह जंग किसी भी कीमत पर रुकने वाली नहीं है।

दिपके ने देश की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा, “मैं आज से अपनी आखिरी सांस तक भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं। मेरा सभी देशवासियों से अनुरोध है कि वे कदम पीछे न खींचें। यह आंदोलन अब रुकने के बजाय और अधिक विशाल रूप धारण करेगा। प्रशासन ने वांगचुक जी को उठाकर बहुत बड़ी भूल कर दी है।”

‘चोरों की तरह चादर की आड़ में ले गई पुलिस’

अभिजीत दिपके ने पुलिस की इस कार्रवाई के तरीके पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने चश्मदीद के तौर पर बताया कि पुलिस टीम सोनम वांगचुक को चारों तरफ से सफेद चादरों से घेरकर ले गई ताकि बाहर खड़ा कोई भी व्यक्ति इस पूरे वाकये को न देख सके। दिपके ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस का यह बर्ताव किसी भी तरह से कानून सम्मत नहीं था, बल्कि वे किसी शातिर चोर या अपराधियों की तरह वांगचुक को उठाकर ले गए। उन्होंने ऐलान किया कि आगामी 20 जुलाई को होने वाला ‘चलो संसद’ मार्च अपने तय समय पर ही होगा और लोग भारी संख्या में दिल्ली पहुंचेंगे।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की गूंज

आपको बता दें कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ सोनम वांगचुक पिछले 28 जून से लगातार जंतर-मंतर पर डटे हुए थे। देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग कर रहे थे। लगातार 20 दिनों तक भूखे रहने के कारण शनिवार को उनका स्वास्थ्य बेहद खराब हो गया, जिसके बाद पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची।

वांगचुक की पत्नी की सख्त चेतावनी

इस पूरे सियासी घमासान के बीच, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने डॉक्टरों और प्रशासन को एक बहुत सख्त हिदायत जारी की है। अस्पताल के वार्ड में खुद मौजूद गीतांजलि ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी, उनके परिवार की और पिछले 20 दिनों से वांगचुक की देखरेख कर रहे निजी डॉक्टरों की लिखित मंजूरी के बिना सोनम वांगचुक को मुंह के जरिए (ओरली) या नस के माध्यम से (इंट्रावेनस) कोई भी दवा या लिक्विड डाइट बिल्कुल न दी जाए।

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