
Sikkim News: सिक्किम टनल हादसा, निर्माणाधीन सुरंग में मजदूर फंसे, 8 की मौत, संख्या की पुष्टि जारी
Sikkim News: सिक्किम में सोमवार को एक टनल पर लैंडस्लाइड होने से उसका एंट्री गेट बंद हो गया, जिससे अंदर मौजूद 27 मजदूर फंस गए। इनमें से 8 मजदूरों की मौत हो गई। बाकी 19 मजदूर अब भी फंसे हैं।
नामची जिले के मामरिंग स्थित समरदुंग सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था। जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों की संख्या 27 से कम या ज्यादा भी हो सकती है।
सुरंग में मीथेन गैस लीक होने की आशंका है। इस वजह से राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। कई बचावकर्मियों को अंदर जाने के दौरान चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ।
बंगाल से स्पेशल रेस्क्यू टीम लाई गई
जिला अधिकारी तमलिंग ने बताया कि दोपहर करीब 3:40 बजे प्रशासन को हादसे की खबर मिली। इसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी के 6 समेत कुल 27 मजदूर फंसे होने की आशंका है। पश्चिम बंगाल से भी गैस-रोधी उपकरणों के साथ एक स्पेशल रेस्क्यू टीम लाई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग में मीथेन गैस, कम जगह और खराब रोशनी के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
एंबुलेंस को तैयार रखा गया है। बचाव दल गैस मास्क पहनकर मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। यह टनल तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के लिए पटेल इंजीनियरिंग कंपनी बना रही थी।
नॉलेज के लिए-
सवालः मीथेन गैस से बड़ा खतरा क्या है?
जवाबः मीथेन जहरीली गैस नहीं होती, लेकिन बंद सुरंग में यह ऑक्सीजन की मात्रा कम कर सकती है। ऑक्सीजन घटने पर दम घुटने और बेहोशी का खतरा बढ़ जाता है। अगर गैस में चिंगारी पड़ जाए तो आग या विस्फोट भी हो सकता है।
