
CJP Letter Education Ministers: सरकारी स्कूलों की बदहाली पर CJP का कड़ा रुख, शिक्षा मंत्रियों को लिखा पत्र
CJP Letter Education Ministers: देश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और चरमराती बुनियादी सुविधाओं को लेकर नागरिक अधिकार संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। पार्टी के संस्थापक और प्रमुख संयोजक अभिजीत दीपके ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों को एक अत्यंत कड़ा और पत्र लिखा है। पत्र में आजादी के आठ दशक बीत जाने के बाद भी सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति पर गहरा रोष प्रकट किया गया है।
अभिजीत दीपके ने देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आ रही सरकारी स्कूलों की जर्जर और बदहाल तस्वीरों का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखकर जानवरों से भी बदतर परिस्थितियों में पढ़ने को विवश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बुनियादी ढांचा ही दुरुस्त नहीं होगा, तब तक देश के विकास के तमाम दावे पूरी तरह खोखले साबित होंगे।
बुनियादी सुविधाएं गायब, भविष्य से हो रहा खिलवाड़
CJP प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मंत्रियों को भेजे गए इस आधिकारिक पत्र को साझा करते हुए तीखे शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि आजादी के 80 साल बाद भी अगर हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चों को बैठने के लिए साधारण बेंच, पीने के लिए स्वच्छ जल और उपयोग योग्य चालू शौचालय तक न मिलें, तो यह संपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था के लिए अत्यंत शर्मनाक बात है।
दीपके ने जोर देकर कहा कि यह संवेदनशील मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल या विशेष सरकार की आलोचना का नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों बच्चों के सुरक्षित भविष्य से सीधा जुड़ा हुआ है। हर एक बच्चे को, चाहे वह किसी भी आर्थिक या सामाजिक पृष्ठभूमि से आता हो, एक सुरक्षित कक्षा, साफ वातावरण और योग्य शिक्षक मिलना उसका मौलिक अधिकार है।
CJP ने शिक्षा मंत्रालयों के सामने दागे 6 तीखे सवाल
अभिजीत दीपके ने देश के सभी शिक्षा मंत्रालयों से मांग की है कि वे सरकारी तंत्र की पुरानी लीपापोती छोड़कर अपने-अपने राज्यों के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर आंकड़े सार्वजनिक करें। उन्होंने पत्र के माध्यम से 6 सीधे और तीखे सवाल पूछे हैं:
पिछले 5 वर्षों में राज्य के कितने सरकारी स्कूलों का पूरी तरह नवीनीकरण किया गया और कितनों को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है?
राज्य में शिक्षकों के कुल कितने स्वीकृत पद हैं, उनमें से कितने पदों पर नियुक्तियां हुई हैं और कितनी सीटें खाली हैं?
बीते 5 सालों में सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए कितना बजट आवंटित हुआ और उसमें से वास्तव में कितना पैसा खर्च किया गया?
राज्य के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अभी और कितने नए सरकारी स्कूलों के निर्माण की आवश्यकता है?
पठन-पाठन के मूल कार्य के अलावा सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को कौन-कौन सी गैर-शैक्षणिक (नॉन-टीचिंग) जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं?
राज्य के कितने प्रतिशत स्कूलों में कामकाजी कंप्यूटर, उपयोग योग्य चालू शौचालय और खेलकूद के समुचित सामान उपलब्ध हैं?
युद्ध स्तर पर आपातकालीन सुधार की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि सरकारों को अब कागजी वादों से बाहर निकलकर सरकारी शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प को एक आपातकालीन प्राथमिकता मानना चाहिए। CJP ने उम्मीद जताई है कि सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रालय जल्द से जल्द इन 6 बिंदुओं पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे और स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर कड़े कदम उठाएंगे।
