
Mumbai News: मुंबई क्राइम ब्रांच ने सेक्स्टॉर्शन रैकेट’ का किया भंडाफोड़
Woman cricketer sextortion case: मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में जब एक सफल कारोबारी की मुलाकात जम्मू-कश्मीर की एक उभरती हुई महिला क्रिकेटर से हुई, तो उसे अंदाजा भी नहीं था कि यह दोस्ती उसकी जिंदगी का सबसे बुरा सपना साबित होगी। यह कहानी है विश्वासघात, डिजिटल जाल और 63 लाख रुपये की उस उगाही की, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने हाल ही में एक ऐसे ‘सेक्स्टॉर्शन रैकेट’ का भंडाफोड़ किया है, जिसका चेहरा कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक महिला क्रिकेटर है। फरखंदा खान नाम की यह महिला जम्मू-कश्मीर टी-20 लीग से जुड़ी रही है, लेकिन अब वह सलाखों के पीछे अपने गुनाहों का हिसाब दे रही है।
चैट से शुरू हुआ जाल और ब्लैकमेलिंग का दौर
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत साल 2024 में हुई, जब कोलाबा के रहने वाले 28 वर्षीय एक युवा व्यवसायी की पहचान मोबाइल चैट के जरिए फरखंदा खान से हुई। शुरुआती बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे फरखंदा ने कारोबारी को अपनी बातों के जाल में फंसाना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी, दोनों के बीच निजी और अश्लील संवाद होने लगे। इसी दौरान फरखंदा ने अपने भाई बाज़िल खान और एक साथी उद्दीन इम्तियाज़ वानी को भी इस साजिश में शामिल कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति थी, जिसके तहत शिकार को पहले भावनात्मक रूप से करीब लाया गया और फिर उसकी प्राइवेसी को हथियार बना लिया गया।
करोड़ों की उगाही और डर का साया
साजिश के दूसरे चरण में फरखंदा ने अपनी ‘आर्थिक मजबूरियों’ का रोना रोकर पैसे मांगना शुरू किया। जब कारोबारी ने हाथ खींचने की कोशिश की, तो असली खेल शुरू हुआ। आरोपियों ने उसकी निजी चैट और स्क्रीनशॉट सार्वजनिक करने की धमकी दी। बदनामी के डर से सहमे कारोबारी ने पैसे देना शुरू कर दिया। जांच में खुलासा हुआ कि 30 अप्रैल 2024 से लेकर 13 जनवरी 2026 के बीच, पीड़ित ने 32 अलग-अलग किश्तों में कुल 23.61 लाख रुपये फरखंदा के खाते में जमा किए। लेकिन लालच की कोई सीमा नहीं थी। बाज़िल और वानी ने कारोबारी को जेल भिजवाने की धमकी देकर दबाव और बढ़ा दिया, जिसके चलते उसे 40 लाख रुपये की अतिरिक्त भारी-भरकम राशि और देनी पड़ी।
क्राइम ब्रांच की छापेमारी और गिरफ्तारी
जब पानी सिर से ऊपर निकल गया, तो पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पुलिस का दरवाजा खटखटाया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। आखिरकार, पुलिस की एक टीम ने दिल्ली के एक होटल में छापेमारी कर फरखंदा और उसके भाई बाज़िल को दबोच लिया। वहीं, तीसरे आरोपी उद्दीन वानी को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को जांच में पता चला है कि उगाही की रकम न सिर्फ इन तीनों के खातों में गई, बल्कि फरखंदा के पिता के बैंक खाते का भी इस्तेमाल किया गया। अब पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है।
साइबर सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई का कड़ा संदेश
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा करना कितना महंगा पड़ सकता है। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बना चुका होगा। महिला क्रिकेटर की इस गिरफ्तारी ने खेल जगत में भी सनसनी फैला दी है। क्राइम ब्रांच अब इस गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि भविष्य में किसी और को इस तरह के ‘हनी ट्रैप’ और सेक्स्टॉर्शन का शिकार होने से बचाया जा सके।
