
Gorakhpur News: गोरखपुर में शंकराचार्य का बयान, Yogi Adityanath पर साधा निशाना
Gorakhpur News: ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री को चिढ़ाने के लिए गोरखपुर नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले भी गोरखनाथ मंदिर जा चुके हैं और वहां बाबा गोरखनाथ के सानिध्य में बैठकर प्रार्थना कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा पूरी होने के बाद वह एक बार फिर गोरखनाथ मंदिर जाएंगे।
पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना
दरअसल, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को गोरखपुर से ‘गोविष्टि यात्रा’ की शुरुआत की। इस दौरान सहारा इस्टेट में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गायों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं और केंद्र सरकार की बात भी नहीं सुनते हैं। उनका कहना था कि यदि सब कुछ ठीक होता, तो गोरक्षनाथ जी की ओर हाथ उठाकर गाय की रक्षा का संकल्प लिया जाता। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें गौ-हत्यारों का वोट चाहिए, तो उन्होंने जवाब दिया कि चाहिए। इस पर शंकराचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई व्यक्ति गाय का खून और दूध एक साथ मिला सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लगभग आठ हजार करोड़ रुपये के विमान का उपयोग सीमित समय के लिए होता है और बाकी समय वह खड़ा रहता है। यदि उसे किराये पर चलाया जाए, तो देश को कुछ राजस्व प्राप्त हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि नीतियों से है। उन्होंने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा जब सभी राजनीतिक दल गौभक्ति की बात करेंगे। उनका यह भी कहना था कि वोट का महत्व बहुत बड़ा होता है और यदि हर विधानसभा में कुछ सौ वोट भी इधर-उधर हो जाएं, तो चुनाव परिणाम बदल सकते हैं।
गोरखपुर दौरे से पहले मिलीं धमकियां, शंकराचार्य बोले—डराने की कोशिश नाकाम
शंकराचार्य ने बताया कि गोरखपुर आने से पहले उन्हें कई प्रकार की धमकियां मिली थीं और कुछ लोगों ने उन्हें यात्रा न करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने अल नीनो का डर भी दिखाया, लेकिन वह किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि उन्हें नुकसान पहुंचा सके। यदि कोई राजनीतिक दल ऐसा करने की कोशिश करता है, तो वह सत्ता से बाहर हो जाएगा।
उन्होंने गोरखपुर की जनता को निडर बताया और कहा कि वह प्रेस और आम जनता दोनों को एक साथ संबोधित करेंगे। उनका कहना था कि सत्ता उन्हें डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिस्थितियां उनके पक्ष में नजर आ रही हैं। उन्होंने गाय की रक्षा को लेकर कहा कि गाय को माता कहने का अर्थ केवल संबोधन नहीं है, बल्कि उसकी हर प्रकार से रक्षा करना भी आवश्यक है और उसके साथ किसी भी प्रकार का अनादर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कुंभ मेले के विवाद के बाद फिर चर्चा में शंकराचार्य
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल ही में प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान हुए विवाद को लेकर भी चर्चा में रहे थे। मौनी अमावस्या के अवसर पर स्नान को लेकर उनका मेला प्रशासन से विवाद हो गया था। प्रशासन ने उन्हें पालकी पर बैठकर स्नान के लिए जाने से रोक दिया था, जिसके बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई थी। इस घटना से नाराज होकर शंकराचार्य ने धरना भी शुरू कर दिया था। गोरखपुर से शुरू हुई उनकी यह यात्रा एक बार फिर सियासी और धार्मिक बहस को तेज करती नजर आ रही है। उनके बयान और आरोप आने वाले समय में और हलचल पैदा कर सकते हैं।
