
शादी तय होते ही खौफनाक कदम: महोबा में प्रेमी बना कातिल, एनकाउंटर में गिरफ्तारी
Mahoba News: महोबा में सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मुख्य आरोपी का प्रेम प्रसंग जब उसकी पत्नी को पता चला, तो वह उसे छोड़कर चली गई। वहीं दूसरी तरफ प्रेमिका की शादी कहीं और तय होने से बौखलाए प्रेमी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
महोबा के सुभाष नगर इलाके के सुनसान जंगल में 14 अप्रैल को मिली युवती की लाश ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। मृतका की पहचान प्रियंका रैकवार के रूप में हुई, जिसकी आगामी 8 जुलाई को शादी होनी थी। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए एसपी शशांक सिंह ने एसओजी और सर्विलांस समेत चार टीमों को मैदान में उतारा। महज 24 घंटे के भीतर पुलिस का सामना उन हत्यारों से हुआ, जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। घेराबंदी के दौरान बाइक सवार संदिग्धों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां मुख्य अभियुक्त सुमित सिंह और उसके साथी धर्मेंद्र के पैर में लगीं, जिसके बाद दोनों को दबोच लिया गया।
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने सबको हैरान कर दिया। मवई खुर्द निवासी सुमित का प्रियंका से पुराना प्रेम प्रसंग था। चल रहे प्रेम प्रसंग के दौरान सुमित की शादी हो गई लेकिन जब उसकी पत्नी को इस अवैध रिश्ते की भनक लगी, तो घर में कलह शुरू हो गई और उसकी नई नवेली दुल्हन उसे छोड़कर चली गई। सुमित को लगा कि प्रियंका की वजह से उसका घर बर्बाद हो गया। इसी बीच, जब उसे पता चला कि प्रियंका की भी शादी कहीं और तय हो गई है, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। बदला लेने की नीयत से सुमित ने अपने दोस्त धर्मेंद्र के साथ मिलकर प्रियंका को मिलने के बहाने देर रात बुलाया और सफेद गमछे से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। प्रियंका का एक भाई यूपी पुलिस में सिपाही है, लेकिन अपराधी के सिर पर सवार जुनून ने उसे इस बात का भी खौफ नहीं होने दिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल गमछा, मृतका का मोबाइल, दो तमंचे और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है। इसके अलावा इनके पास से दो तमंचे और कारतूस भी बरामद हुए है। पुलिस की गोली से घायल दोनों हत्यारोपियों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ा रही है।
