
मैनपुरी के शिक्षकों की मांग—दिव्यांग व गर्भवती महिलाओं को ड्यूटी से राहत मिले
Mainpuri News: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम श्याम लता आनंद को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने जनगणना ड्यूटी से दिव्यांग और गर्भवती महिला शिक्षकों को हटाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने जनगणना कार्य में स्थानीय कर्मचारियों को शामिल करने की भी अपील की। जानकारी के अनुसार जनगणना का प्रशिक्षण गुरुवार से शुरू होना प्रस्तावित है, जिसे लेकर शिक्षकों में चिंता देखी जा रही है।
ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत है। ऐसे में स्थानीय कर्मचारियों का सहयोग न लिया जाना कई समस्याएं पैदा कर सकता है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें अपने कार्यक्षेत्र से दूर-दराज के स्थानों पर ड्यूटी दी जा सकती है, जिससे उन्हें असुविधा होगी और कार्य की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।संघ ने एडीएम को अवगत कराया कि कई गर्भवती महिला शिक्षकों और दिव्यांग शिक्षकों की भी ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई जा रही है, जो शारीरिक रूप से इस कार्य को करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
इसके अलावा शिक्षकों ने यह भी मांग की कि इच्छुक शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी जनगणना कार्य में शामिल किया जाए। उनका मानना है कि स्थानीय कर्मचारी अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से भली-भांति परिचित होते हैं, जिससे कार्य को समय पर और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है।शिक्षकों ने एडीएम से निवेदन किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया में स्थानीय कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए और शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष राजीव यादव और जिला मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
