
US-Iran War: दूसरे दिन और भड़का सैन्य संघर्ष, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का पलटवार
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार दूसरे दिन और अधिक गंभीर स्थिति में पहुंच गया। अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों और सामरिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
अमेरिका ने दूसरे दिन 90 से अधिक ठिकानों पर किए हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए यह अभियान चलाया गया। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ईरान के तटीय क्षेत्रों में 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। गुरुवार को सुबह पोस्ट कर U.S. सेंट्रल कमांड ने कहा, “अमेरिकी सेना ने ईरान के ख़िलाफ़ हमलों का एक और दौर पूरा किया।”
हमले में इन जगहों को बनाया गया निशाना
एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी (सर्विलांस) केंद्र, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए पैदा हो रहे खतरे को कम करना है।
ईरान के कई शहरों में जोरदार विस्फोट
ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी हमलों के दौरान कई शहरों में धमाके हुए। प्रभावित शहरों में शामिल हैं: बंदर अब्बास, बुशेहर, चाबहार, कोनारक, ईरानशहर, सीरिक, जास्क, अबू मूसा द्वीप, क़ेश्म द्वीप और आककाला हैं। ईरान शहर में एयरपोर्ट परिसर पर हमले की सूचना है, जिसमें एक फायरफाइटर की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हुए।
चाबहार में दो बंदरगाह, समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर और एक गोदाम को नुकसान पहुंचा। हमले के दौरान उड़कर आए मलबे से इमाम अली अस्पताल भी प्रभावित हुआ। कई बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से शहर में व्यापक बिजली कटौती हुई। हालांकि बुशेहर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा।
ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकाने बने निशाना
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।
ईरान के अनुसार निशाना बनाए गए ठिकानों में शामिल हैं:
- कुवैत का कैंप अरिफजान (Camp Arifjan)
- अली अल सलेम एयरबेस (Ali Al Salem Air Base)
- बहरीन का जुफैर (Juffair) सैन्य अड्डा
- शेख ईसा एयरबेस (Sheikh Isa Air Base)
बहरीन और कुवैत की सरकारी मीडिया के अनुसार दोनों देशों में एयर रेड सायरन बजाए गए और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
अहवाज में भी अमेरिकी हमले की खबर
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत के अहवाज शहर के पास भी अमेरिकी हमला हुआ, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार मेडिकल और राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
दक्षिण-पूर्वी ईरान तक बढ़ा अमेरिकी अभियान
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहला अवसर है जब अमेरिकी हमले ईरान के दक्षिण-पूर्वी इलाकों तक इतने बड़े पैमाने पर फैल गए हैं। चाबहार, कोनारक और ईरानशहर जैसे शहर भी अब इस संघर्ष की चपेट में आ गए हैं।
बताया जा रहा है कि चाबहार में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कुछ नागरिक क्षेत्रों पर भी बमबारी हुई, जबकि ईरानशहर में अस्पताल के पास भी विस्फोट से नुकसान पहुंचा।
