
गोडादरा के पंचासरा भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौ सेवा गतिविधि प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न
रिपोर्ट -सुरेश हनवंत सिंह बारवा
सूरत। गोडादरा शिवाजी स्थित पंचासरा भवन, कंगारू सर्कल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से गौ सेवा गतिविधि प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गुजरात प्रांत शिक्षण प्रमुख सुरेशजी नायर ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहकर गौ सेवा, गौ विज्ञान एवं पंचगव्य आधारित उत्पादों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुरभि मंत्र के सामूहिक उच्चारण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों को गोमाता के पंचगव्य से निर्मित विभिन्न जीवनोपयोगी एवं रसायन-मुक्त उत्पादों के निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इनमें सौंदर्य प्रसाधन, औषधियाँ, धूपबत्ती, दीपक तथा गोमय से निर्मित गोनाइल (प्राकृतिक फर्श क्लीनर) सहित अन्य उपयोगी वस्तुओं का निर्माण शामिल था।
अपने मार्गदर्शन में सुरेशजी नायर ने गोमाता की महिमा, गौ विज्ञान तथा भारतीय संस्कृति में गौ संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण, कृषि एवं आत्मनिर्भरता की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा, “गोमाता हमारा पालन-पोषण करती हैं, हम गोमाता का पालन नहीं कर सकते।” इस भाव के साथ समाज में गौ सेवा और गौ संरक्षण की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में समाज से सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति, बहनों एवं भाइयों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में सीताराम गोशाला, कोसमाडा (सूरत) के संरक्षक महाराजजी, अनेक गोपालक, गौ सेवक एवं गौ भक्त भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा समाजहित में किए जा रहे विभिन्न सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने बताया कि संघ बिना किसी प्रचार-प्रसार के निरंतर समाज सेवा में सक्रिय रहता है। हाल ही में सूरत में हुई अतिवृष्टि के दौरान जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में भोजन की व्यवस्था करने तथा पानी में फँसे लोगों की सहायता करने जैसे अनेक सेवा कार्य संघ के स्वयंसेवकों द्वारा निस्वार्थ भाव से किए गए।
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सदैव समाज की आवश्यकता के समय कंधे से कंधा मिलाकर सेवा कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता है। आपदा हो या सामान्य परिस्थितियाँ, संघ के स्वयंसेवक बिना किसी स्वार्थ के समाज के प्रत्येक वर्ग की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
