
Avadh Ojha Statement: पॉडकास्ट में दिए बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Avadh Ojha Statement: देश के मशहूर कोचिंग शिक्षक और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता अवध ओझा एक बार फिर अपने बेहद तीखे और बेबाक बयान को लेकर देश भर में छा गए हैं। एक लोकप्रिय पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने देश की राजनीति और मुसलमानों को लेकर एक ऐसी टिप्पणी कर दी है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। अवध ओझा ने दावा किया कि देश की एक बहुत बड़ी आबादी वर्तमान केंद्र सरकार से बेहद परेशान है। उनके मुताबिक, भारत के 22 करोड़ मुसलमान लगातार प्रार्थना कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गिर जाए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद ऐसा बिल्कुल नहीं हो पा रहा है।
भूखे-नंगे पाकिस्तान से कैसी लड़ाई?
सोनू शर्मा नाम के एक मशहूर यूट्यूब चैनल पर रविवार को जारी हुए इस इंटरव्यू में जब उनसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो ओझा ने भारतीय जनता की मानसिकता पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अगर कोई नेता मंच से देश की आमदनी या विकास पर भाषण देने लगे, तो चाय-समोसे के लालच में आई जनता सो जाएगी। इसलिए नेता भी जनता की नब्ज पहचानते हैं। नेता जैसे ही मंच से चिल्लाता है कि ‘हम पाकिस्तान को धूल में मिला देंगे’, भूखी-प्यासी जनता खड़े होकर तालियां पीटने लगती है। ओझा ने कहा कि पाकिस्तान तो खुद एक भूखा-नंगा मुल्क है। वह नंगा है और हम कुर्ता-पायजामा पहने हैं, अगर हम उससे लड़ेंगे तो वह हमारे कपड़े ही फाड़ेगा। अगर हमें अपनी ताकत आजमानी ही है, तो हमें चीन जैसे अमीर देश से मुकाबला करना चाहिए।
नमाज और दुआओं का दिलचस्प गणित
मुसलमानों की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात करते हुए अवध ओझा ने बड़े ही मजाकिया लेकिन तंजिया लहजे में कहा कि देश के अल्पसंख्यक इस बात को लेकर गहरी दुविधा में हैं कि आखिर उनकी प्रार्थनाएं भगवान तक क्यों नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि अगर 4 लोग मिलकर किसी को दिल से बद्दुआ दे दें, तो उसका पूरा परिवार और घर बर्बाद हो जाता है। लेकिन यहां तो पूरे 22 करोड़ इंसान दिन-रात नमाज पढ़कर दुआएं मांग रहे हैं, फिर भी मोदी सरकार टस से मस नहीं हो रही है। अब बेचारे मुसलमान खुद परेशान हैं कि आखिर गड़बड़ कहां हो रही है? कहीं वे गलत दिशा में मुंह करके तो नमाज नहीं पढ़ रहे हैं या फिर उनकी आयतें ही ऊपर-नीचे हो जा रही हैं।”
पटपड़गंज की हार पर बड़ा खुलासा
इस पॉडकास्ट के दौरान अवध ओझा ने दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट से अपनी हालिया चुनावी हार पर से भी पूरी तरह पर्दा उठाया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा, “मैं चुनाव हारा नहीं हूं, बल्कि मैं इस रेस का एक मजबूत धावक हूं। चुनाव हारने का काम राहुल गांधी का है, मेरा नहीं।” ओझा ने बताया कि जब वे पहले दिन चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरे थे, तो उनकी ही पार्टी के पुराने कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस बात से बेहद नाराज थे कि 15 साल से मेहनत वे कर रहे हैं और टिकट किसी बाहरी को दे दिया गया। ओझा ने माना कि उन कार्यकर्ताओं का गुस्सा बिल्कुल सही था, इसलिए उन्होंने सबके घर जाकर हाथ जोड़े और सबको अपने साथ मिलाया।
जब मोदी ने छुए पैर, तो बदला गेम
अपनी हार का असली कारण बताते हुए अवध ओझा ने देश के प्रधानमंत्री पर एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “मैं अपने सामने खड़े विरोधी उम्मीदवार से नहीं हारा, बल्कि मैं सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हारा हूं। चुनाव के ऐन वक्त पर मोदी जी ने पटपड़गंज आकर मेरे विरोधी प्रत्याशी के पैर छू लिए। अब आप ही सोचिए, जिस इलाके में पहले से ही 70 फीसदी लोग बीजेपी के समर्थक हों, वहां का प्रधानमंत्री अगर किसी के पैर छू ले, तो उसका ग्राफ रातों-रात कितना ऊपर चला जाएगा। उस माहौल में मेरे जीतने का सिर्फ एक ही रास्ता बचा था कि खुद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत आकर सरेआम मेरे पैर छू लेते।” उन्होंने अंत में कहा कि तमाम शुभचिंतकों ने मुझसे कहा था कि चुनाव मत लड़ो, तुम्हारी जमानत तक जब्त हो जाएगी, लेकिन इसके बावजूद पटपड़गंज की जनता ने मुझे 1000 वोटों के कयासों से कहीं ज्यादा बढ़कर बहुत सारा प्यार और सम्मान दिया है।
