
Ram Mandir CEO Final Decision: 3 नाम होंगे फाइनल, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट चुनेगा नया CEO
Ram Mandir CEO Final Decision: श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासन को नई व्यवस्था देने के लिए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। CEO पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के इंटरव्यू पूरे हो चुके हैं। अब चयन समिति तीन नामों को अंतिम रूप देकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। इन तीन नामों में से किसे राम मंदिर का CEO बनाया जाए, इसका अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा।
CEO चयन प्रक्रिया के सचिव समीर पांडा के मुताबिक, इस पद के लिए देशभर से 5,588 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 3,877 CV प्राप्त हुए, जिनकी योग्यता के आधार पर शुरुआती छंटनी की गई। इसके बाद 1,580 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। आगे की प्रक्रिया में ऑनलाइन इंटरेक्शन के बाद उम्मीदवारों को आमने-सामने इंटरव्यू के लिए चुना गया। हाल की रिपोर्टों में फेस-टू-फेस इंटरव्यू के लिए 18 उम्मीदवारों का उल्लेख किया गया है।
अब तीन नाम ट्रस्ट को सौंपे जाएंगे
इंटरव्यू पूरा होने के बाद चयन समिति का अगला कदम तीन सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों के नाम तय करना है। ये नाम ट्रस्ट के सामने रखे जाएंगे। इसके बाद ट्रस्ट उम्मीदवारों की योग्यता और चयन प्रक्रिया को देखते हुए किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।
राम मंदिर के CEO की नियुक्ति को मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक और संचालन संबंधी दायित्वों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CEO के लिए प्रशासनिक और प्रबंधन का अनुभव, हिंदी-अंग्रेजी में काम करने की क्षमता तथा संस्थागत जिम्मेदारियां संभालने की योग्यता जैसी शर्तें रखी गई थीं।
इंटरव्यू में क्या पूछा गया?
CEO चयन को लेकर शुरुआत में उम्मीदवारों से व्यक्तिगत और धार्मिक सवाल पूछे जाने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, उम्मीदवारों का आकलन मुख्य रूप से उनके अनुभव, प्रशासनिक क्षमता, दृष्टिकोण और राम मंदिर के संचालन को लेकर विजन पर किया गया।
कुछ रिपोर्टों में उम्मीदवारों से शाकाहार और शराब सेवन जैसे निजी सवाल पूछे जाने का भी दावा किया गया था, जबकि बाद की जानकारी में चयन समिति की ओर से स्पष्ट किया गया कि निजी या धार्मिक पहचान को चयन का आधार नहीं बनाया गया।
कौन-कौन से नाम चर्चा में हैं?
CEO पद की दौड़ में कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों के नाम चर्चा में रहे हैं। इनमें अयोध्या के पूर्व DM और IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र का नाम प्रमुख है। साथ ही पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र सिंह का नाम भी सामने आया है। वह गाजियाबाद के नगर आयुक्त और कानपुर, बहराइच, सहारनपुर तथा जौनपुर के जिलाधिकारी रह चुके हैं।
इसके अलावा पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का भी इंटरव्यू लिए जाने की खबर सामने आई है। उनके दो बार इंटरव्यू लिए जाने की जानकारी के बाद संत समाज के एक वर्ग ने CEO पद पर धार्मिक व्यक्ति की नियुक्ति की मांग भी उठाई है।
हालांकि, चयन समिति की ओर से तीन अंतिम नाम सार्वजनिक किए जाने तक किसी भी उम्मीदवार को संभावित CEO मानना जल्दबाजी होगी।
राम मंदिर में पुजारियों के ड्रेस कोड में भी बदलाव
CEO नियुक्ति के साथ-साथ राम मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं में भी बदलाव जारी है। पुजारियों के ड्रेस कोड में हाल ही में बदलाव किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक नई व्यवस्था 13 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर में एकरूपता और अनुशासन बनाए रखना बताया गया है।
राम मंदिर में पुजारियों के लिए पीले रंग की पोशाक की व्यवस्था पहले भी लागू रही है। वर्ष 2024 में ट्रस्ट ने पुजारियों के लिए पीली चौबंदी, सफेद धोती और पीली पगड़ी वाला ड्रेस कोड लागू किया था।
