India Myanmar Border Attack: नामपोंग में घात लगाकर फायरिंग, असम राइफल्स के हवलदार की मौत, 4 घायल !

India Myanmar Border Attack: नामपोंग में घात लगाकर फायरिंग, असम राइफल्स के हवलदार की मौत, 4 घायल !

India Myanmar border attack: अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों ने असम राइफल्स की गश्ती टीम पर हमला कर दिया। नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाले के पास करीब सुबह 6:30 बजे हुई फायरिंग में 21 असम राइफल्स के हवलदार जानखोकाई कुकी शहीद हो गए। हमले में चार अन्य जवान घायल हुए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 21 असम राइफल्स के जवान भारत-म्यांमार सीमा के संवेदनशील इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने गश्ती दल को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में हवलदार जानखोकाई कुकी को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। चार अन्य जवान घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। जंगलों, नालों और सीमा से जुड़े रास्तों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी हैं।

NSCN-K-YA के युंग आंग गुट के उग्रवादियों पर शक जताया गया है। कुछ रिपोर्टों में ULFA-I का भी उल्लेख है, लेकिन फिलहाल किसी संगठन की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चांगलांग का यह इलाका भारत-म्यांमार सीमा से सटा होने और घने जंगलों के कारण सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। असम राइफल्स ने शहीद हवलदार जानखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया और परिवार के प्रति संवेदना जताई है।

फिलहाल सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है और हमले में शामिल संदिग्ध उग्रवादियों की तलाश की जा रही है। हमलावरों की पहचान और किसी संगठन की भूमिका को लेकर अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही सामने आएगी।

NSCN-K-YA पर शक, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

हमले के पीछे NSCN-K-YA (युंग आंग गुट) के कैडरों के शामिल होने की प्रारंभिक आशंका जताई गई है। हालांकि, फिलहाल हमलावरों की पहचान और हमले की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्टों में ULFA-I की संभावित संलिप्तता का भी उल्लेख किया गया है, लेकिन इसे भी अभी पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।

यह आशंका इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चांगलांग के नामपोंग इलाके में इससे पहले भी असम राइफल्स को निशाना बनाया जा चुका है। अगस्त 2026 में नामपोंग पुलिस स्टेशन के तहत लॉन्गवी इलाके में असम राइफल्स के एक कैंप पर संदिग्ध ULFA-I और NSCN-K-YA कैडरों ने गोलीबारी की थी। बाद में NSCN-K-YA ने उस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। उस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था।

चांगलांग में क्यों चुनौतीपूर्ण है सुरक्षा?

चांगलांग जिला अरुणाचल प्रदेश के उन इलाकों में शामिल है, जहां भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। घने जंगल, पहाड़ी इलाका और सीमा के कुछ हिस्सों में बाड़ लगाने का काम जारी होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए यहां निगरानी चुनौतीपूर्ण रहती है।

नामपोंग, तिरप और लोंगडिंग क्षेत्र लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में सीमा पर बाड़ और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की कोशिशों के बीच मंगलवार का हमला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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