
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हुआ भव्य शुभारंभ, कलाकारों ने लिया आदर्शों के
रिपोर्ट -सुनील ठाकुर
रेणुकूट। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हिंडाल्को रामलीला परिषद, रेणुकूट द्वारा आगामी रामलीला मंचन-2026 के सफल आयोजन एवं मंगलमय शुभारंभ की कामना के साथ परिषद परिसर में विधि-विधान से भगवान श्रीराम का पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर हिंडाल्को रेणुकूट के यूनिट हेड श्री समीर नायक तथा क्लस्टर एचआर हेड श्री जसबीर सिंह ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया और रामलीला के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यूनिट हेड श्री समीर नायक ने कहा कि हिंडाल्को रेणुकूट की रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे हिंडाल्को परिवार की गौरवशाली परंपरा और सोनभद्र जनपद की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रद्धा, समर्पण, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रतीक है। रेणुकूट की रामलीला से प्रेरणा लेकर आज रेणुसागर, महान तथा ओडिशा में भी रामलीला मंचन की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो सभी के लिए गर्व का विषय है।

क्लस्टर एचआर हेड श्री जसबीर सिंह ने कलाकारों एवं परिषद के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रामलीला का मंचन करना ही हमारा अंतिम उद्देश्य नहीं है, बल्कि भगवान श्रीराम के जीवन से मिलने वाली शिक्षाओं, आदर्शों, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव को अपने जीवन में आत्मसात करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रामलीला हमें सत्य, त्याग और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है तथा समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम में रामलीला परिषद के अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय, उपाध्यक्ष श्री अजय सिन्हा, सचिव श्री आदित्य प्रकाश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष श्री पद्माकर मिश्रा, वित्त प्रमुख श्री विजॉय सिंह, सेफ्टी हेड सुश्री जयश्री तिवारी, आईटी हेड श्री सुनील कांत पांडेय, टाउनशिप हेड श्री राजेश तिवारी, जनसंपर्क विभाग प्रमुख श्री यशवंत कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, रामलीला परिषद के पदाधिकारी एवं कलाकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीराम के जयघोष एवं आगामी रामलीला मंचन-2026 की सफलता की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने रामलीला की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
