Sonbhadra News: सोनभद्र में बढ़ा बाढ़ का खतरा! ओबरा बांध के गेट खुलने की संभावना, प्रशासन अलर्ट

Sonbhadra News: सोनभद्र में बढ़ा बाढ़ का खतरा! ओबरा बांध के गेट खुलने की संभावना, प्रशासन अलर्ट

Sonbhadra News: जनपद में ओबरा बांध का जलस्तर पूर्ण जलस्तर (एफआरएल) 193.24 मीटर पर पहुंच गया है। बांध में वर्तमान जलस्तर भी 193.24 मीटर दर्ज किया गया है। लगातार हो रही बारिश और जलाशय में पानी की स्थिति को देखते हुए बांध के सुरक्षा की दृष्टि से गेट खोले जाने की संभावना जताई गई है। प्रशासन की ओर से जनपदवासियों को सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है।

प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी सूचना के अनुसार वर्षाकाल में अधिक बारिश होने पर बांध की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी आवश्यक हो जाती है। ऐसी स्थिति में ओबरा बांध के गेट खोले जा सकते हैं। बांध से छोड़ा गया पानी रेणु नदी के रास्ते करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद सोन नदी में पहुंचता है। इस दौरान ओबरा बांध और सोन नदी के बीच बसे निचले इलाकों के गांवों में पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

गेट खुलने की संभावना से सात गांवों में सतर्कता

संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने ओबरा बांध और सोन नदी के मध्य स्थित सात गांवों को प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है। इनमें चकाड़ी, गुरुय, महलपुर, गोटानी, खैरटिया, वर्दिया और सिन्दुरिया गांव शामिल हैं। इन गांवों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। ग्रामीणों को नदी और नालों के आसपास जाने से बचने तथा किसी भी तरह की आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

प्रशासन के मुताबिक ओबरा बांध का पूर्ण जलस्तर 193.24 मीटर है और वर्तमान में पानी इसी स्तर पर पहुंच चुका है। जलाशय की पूर्ण क्षमता 211.00 घन मीटर बताई गई है। जलस्तर और वर्षा की स्थिति को देखते हुए बांध के गेट 27 अगस्त की रात 1:30 बजे से 3 बजे के बीच खोले जाने की संभावना है। हालांकि वास्तविक समय जलाशय की स्थिति और मौसम के अनुसार बदल सकता है। ऐसे में लोगों से प्रशासन की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर लगातार नजर रखने की अपील की गई है।

नदी-नालों से दूर रहें, बच्चों और पशुओं को रखें सुरक्षित

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास कतई न जाएं। निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें। बच्चों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति में जोखिम लेकर नदी या नाले को पार करने का प्रयास न करें। प्रशासन ने किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने और केवल अधिकृत माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।

मौसम संबंधी चेतावनियों के लिए लोगों को लाइटनिंग अर्ली वार्निंग सिस्टम का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही दामिनी और सचेत ऐप के माध्यम से मौसम तथा आपदा संबंधी चेतावनियां प्राप्त की जा सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से इन ऐप का उपयोग कर समय रहते मौसम की जानकारी लेने और संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।

आपात स्थिति में कंट्रोल रूम को दें सूचना

किसी भी आपात स्थिति में लोग आपदा कंट्रोल रूम के नंबर 05444-297645 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1077 पर भी सूचना दी जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलस्तर और बांध के गेट खोलने का समय परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तनीय हो सकता है। इसलिए लोग बिना पुष्टि के किसी भी संदेश या सूचना को आगे प्रसारित न करें।

जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से सतर्क रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से सहयोग बनाए रखने और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की गई है।

प्रशासन की अपील—अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा

ओबरा बांध के जलस्तर के पूर्ण क्षमता के स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने संभावित जलनिकासी को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। सात गांवों को लेकर जारी चेतावनी का उद्देश्य लोगों को पहले से सचेत करना है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने दोहराया है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।

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