
TMC new logo: TMC का नया चुनावी लोगो जारी, ममता गुट ने दिखाया ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ वाला निशान !
TMC new logo: पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही लड़ाई के बीच ममता बनर्जी गुट ने सोमवार को अपना नया चुनावी लोगो जारी कर दिया। लोगो के केंद्र में ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ की तस्वीर है, जबकि नीले बैकग्राउंड पर सफेद अक्षरों में ‘Mamata All India Trinamool Congress’ लिखा गया है। डिजाइन में केसरिया, सफेद और हरे रंग का भी इस्तेमाल किया गया है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने अपने नेताओं, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से इस नए लोगो और चुनाव चिह्न को बड़े पैमाने पर प्रचारित करने को कहा है। पार्टी की कोशिश है कि उपचुनाव से पहले मतदाताओं को नए नाम और नए निशान से परिचित कराया जाए।
क्यों बदला TMC का नाम और चुनाव चिह्न?
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के भीतर पार्टी के नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच विवाद के बाद चुनाव आयोग ने ‘All India Trinamool Congress’ नाम और उसके पारंपरिक ‘Flowers and Grass’ यानी जोड़ा फूल-घास चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी थी। आयोग के मुताबिक, दोनों गुट पार्टी पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं और आगामी चुनाव से पहले विवाद का अंतिम निपटारा संभव नहीं था।
इसके बाद आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग अस्थायी नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए। ममता बनर्जी के गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिह्न मिला। वहीं प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ यानी लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के अलावा मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में माना गया है।
6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले नई पहचान की कवायद
चुनाव आयोग का यह अंतरिम फैसला 6 अक्टूबर को होने वाले पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव पर सीधे असर डालता है। आयोग ने दोनों गुटों को इन्हीं नई पहचान के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति दी है।
हालांकि, नंदीग्राम में ममता गुट ने बाद में अपना उम्मीदवार वापस लेकर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके बाद रेजीनगर उपचुनाव दोनों गुटों की नई पहचान के लिहाज से खास तौर पर महत्वपूर्ण हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा नाम-चिह्न विवाद
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसके तहत पुराने पार्टी नाम और चुनाव चिह्न को फिलहाल फ्रीज किया गया है। 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। ऐसे में चुनाव आयोग का अंतरिम फैसला और अदालत की सुनवाई, दोनों पर बंगाल की राजनीति की नजर है।
फिलहाल ममता गुट के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पुराने चुनाव चिह्न की जगह नए ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ को मतदाताओं के बीच पहचान दिलाने की है। इसी वजह से पार्टी ने सोशल मीडिया, पोस्टर, जनसभाओं और कार्यकर्ता स्तर के प्रचार में नए लोगो के इस्तेमाल पर जोर देना शुरू कर दिया है।
