
Vijay Mallya Case: कोर्ट की सुनवाई के बीच X पर हलफनामा पोस्ट करना पड़ा भारी, विजय माल्या को हाईकोर्ट की चेतावनी
Vijay Mallya Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को चेतावनी दी कि जब तक उनका मामला कोर्ट में लंबित है, तब तक वह कोर्ट से जुड़े डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने माल्या के उस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने अदालत की ओर से डॉक्यूमेंट्स की सामग्री पर विचार किए जाने से पहले ही एजेंसी का हलफनामा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपलोड कर दिया था।
कोर्ट ने इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को भी नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि SBI अपने नए हलफनामे में ED की ओर से सामने रखी गई जानकारियों को भी शामिल करे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
क्या है विजय माल्या का मामला?
विजय माल्या पर भारत में करीब 9,000 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ी कानूनी कार्रवाई चल रही है। यह रकम उनकी बंद हो चुकी एयरलाइन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस ने बैंकों के एक समूह से कर्ज के तौर पर ली थी।
माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे और तब से वहीं रह रहे हैं। जनवरी 2019 में एक स्पेशल कोर्ट ने उन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया था। इसके बाद भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत अधिकारियों को उनकी संपत्तियों को जब्त करने और उन्हें बेचकर कार्रवाई करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अधिकार मिला।
इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत भी कार्यवाही चल रही है। साल 2020 में माल्या ने अदालत का रुख करते हुए उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत SBI की अगुवाई वाले बैंकों के समूह को ED की ओर से पहले ही जब्त की गई संपत्तियों का इस्तेमाल कर्ज की वसूली के लिए करने की अनुमति दी गई थी।
माल्या की संपत्तियों को लेकर भी विवाद
किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में भारतीय अधिकारियों ने समय-समय पर विजय माल्या से जुड़ी संपत्तियों को जब्त किया है। माल्या ने इन जब्त संपत्तियों को कर्ज देने वाले बैंकों को ट्रांसफर किए जाने का भी विरोध किया है। इसी मुद्दे को लेकर उनकी ओर से अदालत में याचिका दायर की गई है।
करीब एक दशक से चल रहा है बैंकों और माल्या के बीच विवाद
इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या और बैंकों के बीच करीब एक दशक से चल रहे बकाया रकम के विवाद को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया था। अगस्त में माल्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा था कि मामले को लंबे समय तक खींचने का अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अदालत ने ED से उसकी जांच और अब तक जब्त की गई संपत्तियों को लेकर अपडेट भी मांगा था।
माल्या ने अपनी जब्त की गई संपत्तियों को कर्जदाताओं को ट्रांसफर किए जाने को चुनौती दी है। इसी साल की शुरुआत में कोर्ट ने उनकी उस याचिका पर भी सुनवाई की थी, जिसमें उन्होंने अपने ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ के दर्जे को चुनौती दी थी। कोर्ट ने उनसे कहा था कि अगर वह इस मामले में राहत चाहते हैं तो उन्हें भारत लौटकर भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में आना होगा।
ब्रिटेन से प्रत्यर्पण की कोशिश जारी
भारत सरकार विजय माल्या को ब्रिटेन से वापस लाने यानी उनके प्रत्यर्पण की कोशिश भी कर रही है। माल्या 2016 में भारत छोड़ने के बाद से ब्रिटेन में रह रहे हैं। फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट में उनके मामले की सुनवाई जारी है। मंगलवार को कोर्ट की चेतावनी के बाद अब SBI को ED की ओर से सामने आई जानकारियों को ध्यान में रखते हुए नया हलफनामा दाखिल करना है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
