
Chandauli News: 20 साल से रास्ते का इंतजार—प्रशासन से ग्रामीणों का सवाल, कब जागेगा प्रशासन?
लोकेशन- चंदौली
संवाददाता- मिथिलेश गुप्ता
Chandauli News: चकिया, चंदौली। ग्राम पंचायत कुआं-लालपुर के ग्रामीण पिछले करीब 20 वर्षों से गांव के मुख्य रास्ते के निर्माण की राह देख रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते के निर्माण को लेकर उन्होंने तहसील, कचहरी, लेखपाल और कानूनगो समेत कई स्तरों पर अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन दो दशक बीतने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ते के निर्माण के लिए जमीन मालिक की ओर से भी आपत्ति नहीं है। इसके बावजूद रास्ते का निर्माण क्यों नहीं हो पा रहा है, यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उनका कहना है कि अधिकारी बदलते रहे और आश्वासन भी मिलते रहे, लेकिन जमीनी स्थिति आज भी जस की तस है।
मरीजों को खटिया पर ले जाने की मजबूरी
गांव में खराब रास्ते की सबसे बड़ी समस्या आपात स्थिति में सामने आती है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बेहद खराब होने के कारण कई बार मरीजों को खटिया पर बैठाकर या कंधे के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद ही उन्हें वाहन के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब किसी मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है, तब रास्ते की बदहाल स्थिति परेशानी को और बढ़ा देती है।

नाली और जल निकासी की भी समस्या
मुख्य रास्ते के साथ नाली और जल निकासी की व्यवस्था भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर 20 वर्षों में इस समस्या के समाधान के लिए और कितने प्रार्थना पत्र देने होंगे और कितने अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ेंगे?
ग्राम प्रधान ने भी अधिकारियों से संपर्क का दावा किया
ग्राम प्रधान के अनुसार, रास्ते की समस्या को लेकर कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों से संपर्क भी किया गया है। हालांकि, अभी तक समस्या का ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। उनका कहना है कि 20 साल पुरानी इस समस्या को अब केवल फाइलों और आश्वासनों तक सीमित न रखकर जमीन पर समाधान किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि आवागमन, स्वास्थ्य सुविधाओं और गांव के विकास का है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कब करता है।
