
Amarnath Yatra 2026: 4,812 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से रवाना
Amarnath Yatra 2026: पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा 2026 श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच चाक-चौबंद सुरक्षा में जारी है। शनिवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 4,812 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर के लिए रवाना हुआ। प्रशासन के अनुसार सभी श्रद्धालुओं को 259 वाहनों के काफिले में दो अलग-अलग मार्गों बालटाल और पहलगाम के लिए भेजा गया। इस बीच जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए बिना वैध पंजीकरण के पहुंच रहे श्रद्धालुओं से कुछ दिनों तक यात्रा स्थगित करने की अपील की है।
शुक्रवार निकले दूसरे जत्थे के लोग आज दर्शन करेंगे वहीं तीसरे जत्थे के लोग सोमवार तक बाबा बर्फानी की गुफा में पहुंच सकेंगे। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुँचने में कुल 2 से 3 दिन का समय लगता है। इस पूरी यात्रा दो चरणों में होती है: भगवती नगर से बेस कैंप (बालटाल या पहलगाम) तक का सड़क का सफर, और वहां से गुफा तक का पैदल या हेलीकॉप्टर का सफर।
259 वाहनों के काफिले में रवाना हुए श्रद्धालु
संयुक्त पुलिस नियंत्रण कक्ष (जेपीसीआर) के अनुसार, शनिवार सुबह तीसरा जत्था दो चरणों में रवाना किया गया। बालटाल मार्ग के लिए काफिला सुबह 3:00 बजे, जबकि पहलगाम (नुनवान) मार्ग के लिए काफिला 3:24 बजे रवाना हुआ।
तीसरे जत्थे में कुल 4,812 श्रद्धालु शामिल
तीसरे जत्थे में कुल 4,812 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 3,434 पुरुष, 966 महिलाएं, 11 बच्चे, 244 साधु और 157 साध्वियां शामिल हैं। श्रद्धालुओं में से 2,041 यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अपेक्षाकृत छोटा लेकिन अधिक चुनौतीपूर्ण बालटाल मार्ग चुना, जबकि 2,771 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा पर निकले।
95 बसों समेत 259 वाहनों का काफिला
इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 259 वाहनों का काफिला तैयार किया गया, जिसमें 95 बसें, 47 मीडियम मोटर व्हीकल (MMV), 116 लाइट मोटर व्हीकल (LMV) और एक दोपहिया वाहन शामिल था।
बनिहाल और रामबन में किया गया पहला पड़ाव
यात्रा के दौरान बालटाल मार्ग पर जाने वाले श्रद्धालुओं ने बनिहाल के लंबर ग्राउंड लंगर में नाश्ता किया, जबकि पहलगाम मार्ग के यात्रियों ने रामबन के चंद्रकोट लंगर में विश्राम और भोजन किया। इसके बाद दोनों जत्थे क्रमशः बालटाल (गांदरबल) और नुनवान (अनंतनाग) स्थित बेस कैंपों की ओर रवाना हुए, जहां से पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए पैदल यात्रा शुरू होगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसके अलावा पूरे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेडिकल टीमें, एम्बुलेंस, आपातकालीन सहायता दल और सुरक्षा एस्कॉर्ट तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।
एलजी मनोज सिन्हा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्री अमरनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में श्रद्धालुओं की आवाजाही, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा, आवास, पंजीकरण और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना वैध पंजीकरण के जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं, जिससे पंजीकृत यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
बिना वैध पंजीकरण नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति दी जाती है। ऐसे में केवल निर्धारित तिथि के वैध पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं को ही पवित्र गुफा की ओर जाने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अगले कुछ दिनों तक अपनी यात्रा स्थगित करें और वैध पंजीकरण के बाद ही जम्मू-कश्मीर पहुंचें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अब तक शांतिपूर्ण ढंग से जारी है यात्रा
प्रशासन के अनुसार अब तक अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है। सुरक्षा एजेंसियां, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
