
Bengal BJP CM face 2026: बंगाल को मिलेगी पहली BJP महिला CM? प्रचंड जीत के बाद अब किसकी होगी ताजपोशी, शुरू हुई मुख्यमंत्री की तलाश, सबसे आगे ये नाम
Bengal BJP CM face 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। ‘दीदी’ के गढ़ में ‘दादा’ की पार्टी यानी बीजेपी ने ऐसी सेंध लगाई है कि तृणमूल कांग्रेस का किला ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इस प्रचंड जीत के बाद अब कोलकाता के गलियारों से लेकर दिल्ली के सत्ता केंद्र तक बस एक ही सवाल गूंज रहा है “बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?” बीजेपी ने बिना किसी सीएम चेहरे के यह चुनाव लड़ा था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। अब जब जनता ने ‘ब्रांड मोदी’ पर मुहर लगा दी है, तो अमित शाह के उस वादे को निभाने का वक्त आ गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल की कमान किसी ‘भूमिपुत्र’ के हाथ में ही होगी।
Bengal BJP CM face 2026: ‘ब्रांड मोदी’ और बंगाली अस्मिता का मेल
इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को पूरी तरह बंगाली रंग में ढाल लिया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने न केवल 20 से ज्यादा विशाल रैलियां कीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति से जुड़कर लोगों का दिल जीत लिया। जब पीएम मोदी ने बंगाल का मशहूर स्नैक ‘झालमुरी’ खाया और बंगाली भाषा में ऑडियो संदेश जारी किए, तो बंगाल की जनता को उनमें अपनापन नजर आया। बीजेपी ने सुनियोजित तरीके से संदेश दिया कि वह बंगाल की संस्कृति की विरोधी नहीं बल्कि संरक्षक है। यही वजह है कि महिलाओं से लेकर युवाओं तक ने बीजेपी को जमकर वोट दिया। अब पार्टी एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो मोदी के विजन को बंगाल की मिट्टी पर उतार सके।
शुभेंदु अधिकारी: क्या ‘जायंट किलर’ बनेंगे मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे पहला और मजबूत नाम शुभेंदु अधिकारी का है। शुभेंदु वो नेता हैं जिन्होंने 2021 के चुनाव में नंदीग्राम की जमीन पर ममता बनर्जी को हराकर खुद को ‘जायंट किलर’ साबित किया था। उनके पास जबरदस्त जमीनी पकड़ है और टीएमसी के भीतर की कमियों को वे बखूबी जानते हैं। सांगठनिक नेटवर्क के मामले में उनका कोई सानी नहीं है। हालांकि, उनके साथ नारदा स्टिंग मामले का विवाद भी जुड़ा है, जिसे विपक्ष मुद्दा बना सकता है। लेकिन अगर बीजेपी एक आक्रामक और अनुभवी नेता पर दांव लगाना चाहती है, तो शुभेंदु अधिकारी पहली पसंद हो सकते हैं।
दिलीप घोष और समीक भट्टाचार्य: अनुभव बनाम संतुलन
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को बंगाल में बीजेपी को खड़ा करने का असली सूत्रधार माना जाता है। उनके तीखे तेवर और बेबाकी कार्यकर्ताओं में जोश भर देती है। भले ही वे वर्तमान में अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन पार्टी के विस्तार में उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता। वहीं दूसरी ओर, वर्तमान अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य का नाम भी चर्चा में है। समीक को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है जो सबको साथ लेकर चल सकते हैं। अगर बीजेपी किसी ऐसे चेहरे को चुनना चाहती है जो विवादों से दूर रहे और पार्टी के भीतर गुटबाजी को खत्म कर सके, तो समीक भट्टाचार्य एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प साबित हो सकते हैं।
क्या बंगाल को मिलेगी पहली बीजेपी महिला मुख्यमंत्री?
बीजेपी ने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान ‘नारी शक्ति’ और महिलाओं की सुरक्षा को अपना मुख्य एजेंडा बनाया था। ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि पार्टी किसी महिला चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेल दे। फिलहाल देश के किसी भी राज्य में बीजेपी की महिला मुख्यमंत्री नहीं है, ऐसे में बंगाल वह राज्य बन सकता है जहां से पार्टी अपनी महिला-समर्थक छवि को नई ऊंचाई दे। इस रेस में दो नाम सबसे आगे हैं—अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली। अग्निमित्रा पॉल एक फैशन डिजाइनर रही हैं और अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने आसनसोल में अपनी लोकप्रियता साबित की है।
‘द्रौपदी’ फेम रूपा गांगुली: लोकप्रियता का बड़ा चेहरा
रूपा गांगुली का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे रोमांचक है। बी.आर. चोपड़ा की ‘महाभारत’ में द्रौपदी का यादगार किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली की लोकप्रियता घर-घर में है। उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में और महिला मोर्चा की अध्यक्ष के तौर पर जमीन पर काफी काम किया है। उनकी पहचान एक संघर्षशील महिला नेता की है जो ममता बनर्जी के सामने डटकर खड़ी रही हैं। अगर बीजेपी किसी ऐसे चेहरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जिसकी स्वीकार्यता पूरे बंगाल में हो और जो ममता बनर्जी के कद को टक्कर दे सके, तो रूपा गांगुली पर दांव खेला जा सकता है।
निशिथ प्रामाणिक और अमित शाह का ‘बंगाली सीएम’ कार्ड
इन नामों के अलावा केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रामाणिक का नाम भी रेस में बना हुआ है। वे युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं और उत्तर बंगाल में पार्टी की जीत के बड़े शिल्पकार रहे हैं। हालांकि, अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी को ही लेना है। अमित शाह ने बार-बार कहा था कि बंगाल का मुख्यमंत्री कोई ‘बंगाली’ ही होगा और सुकांत मजूमदार के ‘मांसाहारी सीएम’ वाले बयान ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब देखना यह है कि दिल्ली से बंगाल की कमान संभालने के लिए किसका नाम फाइनल होता है। क्या बीजेपी किसी अनुभवी दिग्गज को चुनेगी या फिर किसी नए चेहरे को सामने लाकर सबको चौंका देगी? बंगाल की जनता अब सांसें रोककर अपने नए ‘रक्षक’ का इंतजार कर रही है।
