
Brij Bhushan Sharan Singh News: विनेश फोगाट का बड़ा खुलासा, खुद को बताया यौन उत्पीड़न मामले की पीड़ित
Brij Bhushan Sharan Singh News: भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने एक बार फिर कुश्ती जगत में सुनामी ला दी है। रविवार को सोशल मीडिया पर जारी एक भावुक वीडियो ने न केवल खेल प्रेमियों बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। विनेश ने एक ऐसा राज खोला है जिसने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चल रही लड़ाई को एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा कर दिया है। विनेश ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वह उन छह महिला पहलवानों में से एक हैं, जिन्होंने पूर्व कुश्ती संघ अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इस खुलासे के बाद एक बार फिर खेल मंत्रालय और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि विनेश का दर्द और उनके संघर्ष की कहानी अब हर किसी की जुबान पर है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।
महिला खिलाड़ियों की पीड़ा पर बोलीं विनेश फोगाट, “ऐसी स्थिति में खेलना बेहद मुश्किल”
विनेश फोगाट ने चार मिनट के वीडियो में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी पीड़ित की पहचान उजागर नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह उनके सम्मान का मामला है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उन्हें खुद सामने आकर सच बोलना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हालांकि मामला अभी अदालत में लंबित है, फिर भी वह बताना चाहती हैं कि वह खुद उन छह पीड़ितों में से एक हैं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी और गवाही चल रही है। विनेश के अनुसार, महिला खिलाड़ी के लिए ऐसी स्थिति में मुकाबला करना बहुत कठिन होता है।
गोंडा ट्रायल्स और बृजभूषण के निजी कॉलेज का विवाद
विनेश ने केवल पुराने जख्म ही नहीं कुरेदे बल्कि आगामी कुश्ती ट्रायल्स पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि ट्रायल्स का आयोजन उत्तर प्रदेश के गोंडा में किया जा रहा है। विनेश ने दावा किया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के अपने निजी कॉलेज में आयोजित हो रही है, जिससे नतीजों पर असर पड़ सकता है। विनेश ने आरोप लगाया कि वहां किसी ईमानदार एथलीट को उसका हक मिलना लगभग असंभव है। उनका मानना है कि वहां मुकाबला करना बहुत मुश्किल होगा।
फेडरेशन पर कब्जा और सरकार की चुप्पी
विनेश ने हताशा जताई कि बृजभूषण के हटने के बाद भी संघ उनके नियंत्रण में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैच रेफरी और अंकों का खेल आज भी बृजभूषण ही तय करते हैं। खेल मंत्रालय पर मूक दर्शक होने का आरोप लगाते हुए विनेश ने यह भी याद दिलाया कि 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान महिला खिलाड़ियों के साथ कैसा बर्ताव हुआ था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि एक बेटी के लिए अपनी अस्मत की लड़ाई लड़ना कितना दर्दनाक होता है, इसे केवल वही समझ सकते हैं। साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया जैसे दिग्गजों ने भी इस लड़ाई में उनका साथ दिया था। विनेश ने अंत में देशवासियों से समर्थन मांगते हुए कहा कि अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। अब देखना होगा कि विनेश के इस महा-विस्फोट के बाद क्या सत्ता के गलियारों में कोई बड़ी हलचल होती है या फिर यह आवाज थमेगी।
