
चंदौली में आग का कहर: बचाव से पहले ही विकराल हुई लपटें, फसल राख में तब्दील
Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सुदूर पहाड़ी और पिछड़े इलाके नौगढ़ में आज दोपहर आग के कहर ने किसानों की कमर तोड़ दी। सेमरा कुसही गांव में अचानक लगी भीषण आग ने दो किसानों की मेहनत से तैयार गेहूं की फसल को देखते ही देखते राख के ढेर में बदल दिया। जब तक बचाव के प्रयास किए जाते, तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था।
दोपहर का सन्नाटा चीखों में बदला
घटना दोपहर करीब 2 बजे की है, जब गांव के किसान अशोक चौरसिया और जगतनारायण चौरसिया के खेतों में गेहूं की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी थी। अचानक किसी कारण से चिंगारी उठी और तेज हवाओं के चलते आग ने करीब 4 बीघे खेत को अपनी चपेट में ले लिया। लहलहाती फसल को जलता देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल साबित हुआ।
दूरी बनी बर्बादी का कारण
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। सबसे बड़ी समस्या यह है कि नौगढ़ क्षेत्र जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है। दुर्गम रास्ते और दूरी के कारण दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में काफी समय लग जाता है। अक्सर जब तक मदद पहुंचती है, तब तक किसानों की मेहनत जलकर खाक हो जाती है। खबर लिखे जाने तक राहत कार्य जारी था, लेकिन फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।
मुआवजे की उठी मांग
इस हृदय विदारक घटना के बाद गांव के प्रधान गुरु प्रसाद ने प्रशासन से पीड़ित किसानों के लिए मदद की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मौसम और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, ऐसे में इस अग्निकांड ने उन्हें भारी संकट में डाल दिया है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
पीड़ित किसानों को तत्काल सरकारी सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। नौगढ़ तहसील स्तर पर स्थायी दमकल व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सके। यह घटना एक बार फिर दूरस्थ क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की कमजोर व्यवस्था को उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है।
