
Kaushambi News: सरकारी संरक्षण में रह रही 17 वर्षीय किशोरी ने लगाई फांसी, जांच शुरू
Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के करारी थाना क्षेत्र स्थित वन स्टॉप सेंटर में रह रही 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से मौत हो गई। सरकारी संरक्षण में रह रही किशोरी की आत्महत्या की खबर सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
घटना के बाद अब वन स्टॉप सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और मानसिक परामर्श जैसी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं और संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
युवक के साथ चली गई थी किशोरी
मिली जानकारी के मुताबिक सचवारा गांव निवासी फूलचंद सरोज की 17 वर्षीय बेटी 17 अप्रैल 2026 को एक युवक के साथ चली गई थी। इसके बाद परिजनों की तरफ से मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में किशोरी को बरामद कर लिया गया।
हालांकि बरामद होने के बाद परिवार ने किशोरी को अपनाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बाल कल्याण समिति यानी सीडब्ल्यूसी के आदेश पर किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब 20 दिनों से वहीं रह रही थी।
सेंटर के अंदर फांसी लगाकर दी जान
बुधवार को अचानक वन स्टॉप सेंटर के अंदर किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आत्महत्या के पीछे की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल वन स्टॉप सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। सरकारी संरक्षण में रह रही किशोरी आखिर इतनी बड़ी घटना को कैसे अंजाम दे सकी, इसको लेकर लोग सवाल पूछ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरकारी संस्थाओं में रह रहे बच्चे और किशोरियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो ऐसी व्यवस्थाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की जरूरत है। लोगों का मानना है कि ऐसे सेंटरों में सिर्फ रहने की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि मानसिक परामर्श और लगातार निगरानी भी बेहद जरूरी है।
सभी पहलुओं पर जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आत्महत्या के पीछे की वजह क्या थी और घटना के समय सेंटर की स्थिति क्या थी, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी संरक्षण गृहों और वन स्टॉप सेंटरों में रह रहे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है और मानसिक रूप से परेशान लोगों को वहां किस तरह की मदद मिल रही है।
