
West Bengal News: बरुईपुर पहुंचीं सयानी घोष का लोगों ने किया विरोध, पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान लगे नारे
West Bengal News: पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 12 साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या मामले में सयानी घोष मंगलवार को पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने पहुंची थीं। इस दौरान वहाँ लोगों ने जिस गुस्सा और खीज एक साथ उनके साथ बदसलूकी की वह चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने उन्हें गद्दार.. बेईमान.. और किसी भीड़ में पीछे से यहां तक कह दिया ‘कोतो टका बिक्री होले..’ यानी बिकने के लिए कितने पैसे लिए? अपने साथ हुई इस बदसलूकी से वह बेहद आहत हुईं और माहौल को देखते हुए वहां से निकल गईं।
अभिषेक बनर्जी भी झेल चुके हैं ऐसा विरोध
आपको बात दें बंगाल चुनाव के बाद जब ममता बनर्जी को करारी हार मिली थी। हार के बाद कुछ इलाकों में हिंसा हुई जिसमें सोनारपुर में एक TMC कार्यकर्ता की मृत्यु हो गई थी। इस सिलसिले में अभिषेक बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। यहाँ उन्हें लोगों का भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। लोगों ने उन पर अंडे और जूते फेंके थे। चोर .. चोर .. के नारे लगाए थे। मई-जून में एक जगह उनके साथ भीड़ ने धक्का मुक्की भी की थी।
क्यों झेलना पड़ा विरोध और गुस्सा?
दरअसल सयानी घोष टीएमसी कि नेता थीं और टिएमसी की टिकट पर ही चुनाव जीतकर संसद बनी हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वह टीएमसी की स्टार प्रचारक भी रहीं। चुनाव प्रचार के दौरान उनका गाना – ‘हृदय में छे नयन मदीना.. . ‘ काफी वायरल हुआ था। इस गाने को लिबरल लोगों ने काफी पसंद किया था, वहीं हिंदूवादी लोगों ने सयानी घोष का मजाक बनाया था।
चुनाव परिणाम के कुछ समय बाद टीएमसी में बड़ा राजनीतिक उथल पुथल मचा था जिसे कई विधायकों व सांसदों ने बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को अपना समर्थन देते हुए TMC का नया ग्रुप बना लिया था। सयानी घोष अब NCPI की सांसद हैं। टीएमसी के अंदर हुई इस बगावत के लिए भाजपा पर पार्टी में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा था।
सयानी घोष वर्तमान जादवपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। टीएमसी बागी गुट का हिस्सा हैं। टीएमसी में बगावत करने के बाद पहली बार वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के बरुईपुर में पहुंची थीं। माना जा रहा है सयानी घोष के इसी बदलाव को उनके संसदीय क्षेत्र के लोग बर्दास्त नहीं कर पा रहे। यही कारण है कि सयानी घोष के खिलाफ लोगों ने गद्दार.. बेईमान..दलबदलू के नारे लगाए। इससे साफ है कि सयानी घोष का पुरानी पार्टी से बगावत करना लोगों को रास नहीं आया।
बरुईपुर की घटना के तुरंत बाद सयानी घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि, “मैं दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर के सुरजापुर में एक नाबालिग लड़की को निशाना बनाकर की गई जघन्य घटना से स्तब्ध और आक्रोशित हूं।” उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं पीड़िता और उसके परिवार के साथ होकर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करती हूं। मैंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात की है, और उन्होंने आश्वासन दिया है। कि वे खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। गिरफ्तारियां हो रही हैं, SIT बना दी गई है, वे परिवार से संपर्क में हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। न्याय जल्दी मिले यह सुनिश्चित किया जाएगा। मैं त्वरित और आवश्यक कार्रवाई के लिए उनका आभार व्यक्त करती हूं।’
जादवपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सयानी घोष ने भाजपा प्रत्याशी को ढाई लाख से भी ज्यादा वोटों से हराया था। लेकिन टीएमसी से पाला बदलने के बाद वह अब NCPI की सांसद हैं जो लोकसभा में एनडीए को सुपोर्ट करती है।
महुआ मोइत्रा पर लोगों ने बरसाए थे अंडे
उल्लेखनीय है कि एक जुलाई को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में टीएमसी के ट्रांजिट दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अंडे बरसाए थे। इस घटना पर महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि बीजेपी के गुंडों के नेतृत्व में अंडे फेंके गए। आरोप है कि इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही थी।
