
France Protests Violent: फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन, हर्मेस-लुई विटॉन और एप्पल स्टोर में लूटपाट !
France Protests Violent: फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार को कई शहरों में हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं। नकाबपोश उपद्रवियों ने हर्मेस, लुई विटॉन, रोलेक्स और एप्पल जैसे बड़े ब्रांड के स्टोर को निशाना बनाया। कई दुकानों में घुसकर सामान लूटा गया और तोड़फोड़ की गई। हालात बिगड़ने के बाद कई व्यावसायिक इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बोर्डो की मशहूर शॉपिंग स्ट्रीट पर लूटपाट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्डो शहर की प्रसिद्ध रू सेंट-कैथरीन शॉपिंग स्ट्रीट पर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। नकाबपोश लोग कई दुकानों में घुस गए और वहां तोड़फोड़ कर लूटपाट की। घटना के बाद आसपास के दुकानदारों और लोगों में दहशत फैल गई।
लूटपाट की घटनाएं केवल बोर्डो तक सीमित नहीं रहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, लिले में एप्पल स्टोर को निशाना बनाया गया, जबकि मार्सिले में हर्मेस बुटीक और रोलेक्स से जुड़े प्रतिष्ठानों में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की खबरें सामने आईं।
पेरिस में दुकानों में तोड़फोड़, कारों में लगाई आग
फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी प्रदर्शन के दौरान हालात हिंसक हो गए। नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और रेस्तरां में तोड़फोड़ की। कुछ स्थानों पर खड़ी कारों में आग लगा दी गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं।
हिंसा की आशंका को देखते हुए लग्जरी ब्रांड डिओर ने अपने प्रमुख स्टोर के बाहर निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी। वहीं, पेरिस के प्लेस डेस पिरामिड्स में एक व्यक्ति के जोन ऑफ आर्क की प्रतिमा पर चढ़ने की घटना भी सामने आई।
दुकान बचाने की गुहार लगाती रही महिला
लूटपाट के दौरान एक दुकान मालकिन का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह उपद्रवियों से अपनी दुकान को नहीं लूटने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीड़ ने उसकी बात नहीं मानी। कुछ लोग उसे धक्का देकर दुकान के अंदर घुस गए और वहां लूटपाट तथा तोड़फोड़ की।
वीडियो में महिला की चीखें सुनाई देने और कुछ नकाबपोश लोगों के उपद्रवियों का उत्साह बढ़ाने की बात भी सामने आई है। इस घटना ने हिंसा के दौरान दुकानदारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सुपरमार्केट, फार्मेसी और सार्वजनिक इमारतें भी निशाने पर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा का असर लग्जरी शॉपिंग इलाकों तक सीमित नहीं रहा। फ्रांस के कई शहरों में सुपरमार्केट, फार्मेसी, कपड़ों की दुकानों और इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर को भी निशाना बनाया गया। कुछ सार्वजनिक इमारतों में भी तोड़फोड़ की गई।
मार्सिले और लिले में टाउन हॉल के अंदर घुसकर उपद्रवियों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
फिलहाल इन घटनाओं ने फ्रांस में सार्वजनिक व्यवस्था और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग शहरों में हुई घटनाओं के कारणों, नुकसान और जिम्मेदार लोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
