
विकासनगर अग्निकांड: दूसरे दिन भी धधकती राख में अपनों की तलाश जारी
Lucknow News: लखनऊ के विकास नगर इलाके में लगी भीषण आग का मंजर दूसरे दिन भी दिल दहला देने वाला रहा। जहां एक ओर आग पूरी तरह बुझ चुकी दिखी, वहीं राख के ढेरों के नीचे अब भी धधकती चिंगारियां इस त्रासदी की गवाही देती रहीं। जले हुए टीन, मुड़े हुए बर्तन और राख में तब्दील हो चुके आशियानों के बीच पीड़ित परिवार अपने बचे-खुचे सामान को ढूंढते नजर आए।
घटनास्थल पर हर तरफ चीख-पुकार और बेबसी का माहौल था। जिन हाथों से कभी घर बसाए गए थे, वही हाथ अब उसी घर की राख को कुरेदते दिखे। किसी को अपनी बेटी की किताबें तलाश थीं, तो कोई अपने जरूरी दस्तावेजों की उम्मीद में मलबे को खंगाल रहा था। कई परिवारों के लिए यह सिर्फ घर का नुकसान नहीं, बल्कि जिंदगी भर की जमा पूंजी का खात्मा था।
बच्चों की तलाश जारी
सबसे ज्यादा चिंता उन बच्चों को लेकर है, जो अब तक लापता बताए जा रहे हैं। परिजन बदहवास हालत में इधर-उधर भागते नजर आए, हर चेहरे में अपने बच्चों की झलक तलाशते हुए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीमों ने तलाश जारी रखी है, लेकिन समय बीतने के साथ ही परिजनों की उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं।
रातभर खुले आसमान के नीचे गुजरी
रातभर खुले आसमान के नीचे गुजारने को मजबूर इन परिवारों के पास अब ना छत बची है, ना ही कोई सहारा। छोटे-छोटे बच्चे सहमे हुए हैं और बुजुर्गों की आंखों में सिर्फ आंसू हैं। राहत सामग्री पहुंचने लगी है, लेकिन दर्द इतना गहरा है कि हर मदद छोटी लग रही है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। लेकिन पीड़ितों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे अपनी जिंदगी को फिर से कैसे पटरी पर लाएंगे। विकासनगर की यह आग सिर्फ घरों को ही नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों और उम्मीदों को भी राख कर गई। अब वहां सिर्फ सन्नाटा, धुआं और अपनों को पुकारती आवाजें बाकी हैं।

