हैवानियत की हद पार: लखनऊ में पिता ने दोस्त के साथ मिलकर बेटी की ली जान

हैवानियत की हद पार: लखनऊ में पिता ने दोस्त के साथ मिलकर बेटी की ली जान

Lucknow News: लखनऊ में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। एक पिता ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी नाबालिग बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने किशोरी के चेहरे पर तेजाब डाल दिया। वारदात के बाद शव को बाराबंकी में कुर्सी रोड किनारे फेंक दिया गया।
घटना को छिपाने के लिए पिता ने बेटी के लापता होने की झूठी कहानी गढ़ी। ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत भी दर्ज कराई। हालांकि पुलिस जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद रविवार को पिता और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी पिता ने बताया- उसकी बेटी कई लड़कों से बात करती थी। साल 2025 में एक लड़के के साथ घर से भाग भी गई थी। इसी बात से वह नाराज था।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया- 16 अप्रैल को धावा, चिनहट निवासी विजय कुमार चौबे (34) ने IGRS पर अपनी 16 साल की बेटी वंदना के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी शिकायत के आधार पर 18 अप्रैल को चिनहट पुलिस उसके घर पहुंची, लेकिन विजय कुमार घर पर नहीं मिला।
आसपास पूछताछ में पता चला कि वह खुद ही बेटी को अपने साथ लेकर गया था पुलिस ने विजय कुमार से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका नंबर बंद मिला। जांच में पता चला कि वंदना 2025 में एक लड़के के साथ भाग गई थी।
इस एंगल पर पुलिस लड़के के घर पहुंची, वह घर पर मिला। उसने बताया कि 13 अप्रैल को वंदना से उसकी फोन पर बात हुई थी। वंदना ने कहा था कि वह अपने पिता के साथ झाड़-फूंक के लिए जा रही है और उसे कॉल न करे।
इसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। यहीं से पुलिस का शक पिता पर गहरा गया। सर्विलांस की मदद ली गई। 19 अप्रैल को विजय कुमार की लोकेशन गोंडा स्थित उसकी ससुराल में मिली। पुलिस ने उसी दिन उसे वहां से पकड़ लिया।

पूछताछ में विजय कुमार ने अपने दोस्त अब्दुल मन्नान (45) के साथ मिलकर बेटी की हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने अब्दुल मन्नान को भी गिरफ्तार कर लिया।

झाड़-फूंक के बहाने ले गया, रास्ते में की हत्या

पूछताछ में आरोपी पिता विजय कुमार चौबे ने बताया- उसकी बेटी वंदना चौबे कई लड़कों से बात करती थी। साल 2025 में वह एक लड़के के साथ घर से भाग गई थी। इस मामले में चिनहट थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। करीब 15 दिन बाद पुलिस ने उसे बरामद कर परिवार को सौंप दिया था।

इसके बाद भी वंदना उस लड़के से लगातार संपर्क में थी। इसी बात से नाराज होकर पिता ने हत्या की साजिश रची। 13 अप्रैल को विजय कुमार ने अपने दोस्त अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर किराए पर कार ली। बेटी को झाड़-फूंक के बहाने अपने साथ बाराबंकी ले गया। रास्ते में रात को एक ढाबे पर रुका।

अगले दिन, 14 अप्रैल को वह कार से वंदना को लेकर बाराबंकी के बड्डूपुर इलाके में शारदा नहर, कुर्सी रोड के पास पहुंचा। कार में सो रही बेटी का गला दबाकर हत्या कर दी। वंदना ने विरोध किया, लेकिन विजय कुमार और उसके दोस्त मन्नान ने उसका गला तब तक दबाए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
हत्या के बाद शव को नहर में फेंकने की कोशिश की गई, लेकिन आसपास लोगों की आवाजाही देख आरोपी डर गए। इसके बाद पहचान मिटाने के लिए उन्होंने वंदना के चेहरे को तेजाब से जला दिया और शव को सड़क किनारे ही फेंककर फरार हो गए।

बाराबंकी में मिला था शव, पहचान नहीं हो सकी थी

डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया- आरोपी विजय कुमार चौबे के जुर्म कबूल करने के बाद बाराबंकी पुलिस से संपर्क किया गया। उन्हें वंदना की तस्वीर भेजी गई। बाराबंकी पुलिस ने पुष्टि की कि 15 अप्रैल को बड्डूपुर, कुर्सी रोड स्थित शारदा नहर किनारे एक किशोरी का शव मिला था।
शव की पहचान कराने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद तीन दिन तक इंतजार करने के बाद अज्ञात में पोस्टमॉर्टम कराया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया।

डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया अब चिनहट थाना पुलिस बाराबंकी पुलिस से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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