Israel Lebanon Tension: दक्षिणी लेबनान में बढ़ा तनाव,ऐतिहासिक किले पर इजरायली झंडा लहराने से मचा विवाद

Israel Lebanon Tension: दक्षिणी लेबनान में बढ़ा तनाव,ऐतिहासिक किले पर इजरायली झंडा लहराने से मचा विवाद

Israel Lebanon Tension: इजरायली ब्रॉडकास्ट कॉर्प ने रविवार सुबह एक तस्वीर सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की, जिसमें दक्षिणी लेबनान के नबातियेह शहर के पास मौजूद ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली और गोलानी ब्रिगेड का झंडा फहराते हुए दिखाया गया। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसे ‘रणनीतिक जीत’ करार दिया।

आईडीएफ प्रवक्ता ने अपने एक्स पोस्ट के जरिए इलाके में मौजूद अपने सैनिकों की तस्वीरें भी जारी कीं और कहा कि हमारी सेना अब लितानी नदी के उत्तर में हिजबुल्लाह के खिलाफ लगातार हमले कर रही है। लंबे चौड़े पोस्ट में उन्होंने अब तक की उपलब्धियों को तारीफ के काबिल बताया।

गोलानी ब्रिगेड ने किया किले पर नियंत्रण का दावा

वहीं, इस नवीनतम घटनाक्रम से उत्साहित इजराइल काट्ज ने तस्वीर साझा करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा कि इजरायली सेना ने, गोलानी ब्रिगेड के नेतृत्व में, दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है। यह कार्रवाई लितानी नदी के पार ऑपरेशन का विस्तार करने के बाद की गई।

रक्षा मंत्री काट्ज ने बताया ‘रणनीतिक जीत’

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “ब्यूफोर्ट की वीरतापूर्ण लड़ाई के 44 वर्ष बाद, और ‘गैलीली के लिए शांति’ युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के स्मरण दिवस पर जिसमें ब्यूफोर्ट की लड़ाई में शहीद हुए गोलानी ब्रिगेड के सैनिक भी शामिल थे, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) के सैनिक, गोलानी ब्रिगेड के नेतृत्व में, ब्यूफोर्ट की चोटी पर फिर से लौटे और वहां इजरायल और गोलानी ब्रिगेड का झंडा एक बार फिर फहराया।”

लितानी नदी के उत्तर तक बढ़ा सैन्य अभियान

काट्ज ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निर्देश और उनके अपने मार्गदर्शन में इजरायली सेना ने लेबनान में सैन्य अभियान का विस्तार किया, लितानी नदी को पार किया और ब्यूफोर्ट रिज पर कब्जा कर लिया। उन्होंने गैलीली की बस्तियों की रक्षा और सुरक्षा बलों की सुरक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान बताया। बोले, “यह हमारे दुश्मनों के लिए एक स्पष्ट संदेश है: जो भी इज़राइली नागरिकों को धमकी देगा, वह एक के बाद एक अपने रणनीतिक ठिकानों को खो देगा।”

उत्तरी सीमा की सुरक्षा को बताया अहम उद्देश्य

उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान में गोपनीयता बरती गई थी। काट्ज ने कहा कि लड़ाई अभी भी जारी है और इजरायल हिज्बुल्लाह को कमजोर करने तथा उत्तरी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखेगा। दरअसल, इजराइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने 1982 में इस किले पर कब्जा किया था। उस दौरान गोलानी ब्रिगेड के छह सैनिक मारे गए थे, जिनका जिक्र इजराइल काट्ज ने अपनी पोस्ट में किया है। 1982 से 2000 तक दक्षिणी लेबनान पर 18 वर्षों के कब्जे के दौरान इजरायल ने उस किले क्षेत्र को अपने नियंत्रण में रखा था। बाद में सैनिकों को वहां से वापस बुला लिया गया था।

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