
Abhijeet Dipke Hunger Strike End: सरकार से बातचीत शुरू होते ही अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल
Abhijeet Dipke Hunger Strike End: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की जिद पर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद भवन घेराव के लिए अपना विशाल मार्च शुरू कर दिया। इसी महाआंदोलन के बीच जंतर-मंतर से एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार और आंदोलनकारी नेताओं के बीच बातचीत का आधिकारिक दौर शुरू होते ही, पिछले कई दिनों से आंदोलन की अगुवाई कर रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आखिरकार अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त करने का बड़ा फैसला कर लिया है।
3 छात्रों का भी अनशन समाप्त
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में केवल अभिजीत ही नहीं, बल्कि उनके साथ देश के कोने-कोने से आए युवा भी डटे हुए थे। अभिजीत दीपके के साथ-साथ पिछले 23 दिनों से लगातार आमरण अनशन पर बैठे 3 अन्य जांबाज छात्रों ने भी सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए अपनी भूख हड़ताल को पूरी तरह खत्म कर दिया है। सरकार के नुमाइंदों ने आंदोलनकारियों के पास जाकर जूस पिलाकर सभी का अनशन तुड़वाया। हालांकि, छात्रों का साफ कहना है कि अनशन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं।
राजीव चौक स्टेशन में घुसे प्रदर्शनकारी
एक तरफ जहां जंतर-मंतर पर सुलह की बातचीत चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की सड़कों पर माहौल अचानक बेहद गरमा गया। संसद मार्च की घोषणा के बाद सुरक्षा बलों को चकमा देकर सैकड़ों की तादाद में उग्र प्रदर्शनकारी दिल्ली के सबसे व्यस्त राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के भीतर जबरन दाखिल हो गए। अचानक इतनी भारी संख्या में नारेबाजी कर रहे युवाओं को स्टेशन के अंदर देखकर आम यात्रियों में अफरातफरी मच गई। सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय पुलिस बल और दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तुरंत मेट्रो स्टेशनों पर तैनात कर दिया गया है।
सरकार और CJP में सीधी बातचीत
इस पूरे बवाल के बीच सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब चौतरफा दबाव से घिरी केंद्र सरकार ने आखिरकार घुटने टेके और आंदोलनकारियों से सीधी टेबल टॉक करने का प्रस्ताव भेजा। कॉकरोच जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और सरकार के उच्च अधिकारियों के बीच आज बेहद अहम बैठक आयोजित की गई। इसी सकारात्मक बातचीत की शुरुआत के बाद ही अभिजीत दीपके ने अपना आंदोलन का यह कड़ा रास्ता बदला। अब पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार छात्रों की मांगें मानती है या दिल्ली में यह प्रदर्शन और हिंसक रूप अख्तियार करेगा।
